25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समाचार

जिले में सरसों की बंपर उपज,रोजगार को प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की जरूरत

हिण्डौनसिटी.करौली जिले में सरसों की फसल का रकबा लगातार बढ़ रहा है और उपज भी उल्लेखनीय स्तर पर दर्ज की जा रही है। कृषि विभाग के क्रॉप कटिंग सैंपलों के आंकलन के अनुसार जिले में प्रति वर्ष औसतन सवा दो लाख से ढाई लाख मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना […]

Google source verification

हिण्डौनसिटी.करौली जिले में सरसों की फसल का रकबा लगातार बढ़ रहा है और उपज भी उल्लेखनीय स्तर पर दर्ज की जा रही है। कृषि विभाग के क्रॉप कटिंग सैंपलों के आंकलन के अनुसार जिले में प्रति वर्ष औसतन सवा दो लाख से ढाई लाख मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उपखंड मुख्यालयों पर मस्टर्ड ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएं तो जिले में कृषि आधारित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर मूल्य भी प्राप्त होगा।
बसंत पंचमी नजदीक आने के साथ ही खेतों में सरसों की फसल पीली चुनरिया ओढ़े लहलहा रही है। अगेती बुवाई वाली सरसों की फलियाँ दकदक हो चुकी हैं और उनमें दाने आकार लेने लगे हैं। फिलहाल मौसम फसल के अनुकूल है क्योंकि पाला और बारिश का प्रकोप नहीं हुआ है। ऐसे में किसानों को इस वर्ष भी सरसों की अच्छी उपज की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जिले में सरसों उत्पादन की क्षमता बहुत अधिक है। यदि स्थानीय स्तर पर तेल उद्योग और प्रोसेसिंग यूनिटें स्थापित की जाएं तो न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सरसों उत्पादन में वृद्धि के बावजूद विपणन और प्रसंस्करण की कमी किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है।

गेहूं की बुवाई से भरवाई
हालांकि नादौती क्षेत्र में खेतों में महीनों तक जलभराव रहने से सरसों का रकबा कम हुआ है, जिसके चलते गत वर्ष की तुलना में उत्पादन में कमी आने की संभावना है। किसानों ने इस कमी की भरपाई के लिए गेहूं का रकबा बढ़ाकर संतुलन बनाने का प्रयास किया है।

फैक्ट फाइल – करौली जिले में सरसों उत्पादन
वर्ष उत्पादन (मी.टन)
2021 2,05,636
2022 2,02,606
2023 2,13,306
2024 2,45,600
2025 2,55,500
2026 1,90,000 (अनुमानित)

इनका कहना है

जिले में सरसों की फसल किसानों के लिए आर्थिक संबल बनी हुई है। सरसों उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। लेकिन कृषि को रोजगार से जोडऩे के लिए आवश्यक है कि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिटें स्थापित हों, ताकि किसानों और युवाओं को लाभ मिल सके।
विष्णु डागुर, किसान
ढिंढोरा, हिण्डौनसिटी