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गो-रक्षकों ने हिम्मत दिखाई, पांच वाहनों में कत्लखाने जा रहे 13 बैलों की जान बचाई

फिल्मी स्टाइल में दौड़ाए वाहन, राजसमंद से मोड़ासा जा रहे थे बैलों से भरकर वाहन बदमाशों ने किया पथराव, फिर भी नहीं डगमगाए कदम

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डूंगरपुर. डूंगरपुर के रास्तों से गो तस्करी अब भी जारी है। बीती रात्रि गोरक्षकों ने अपनी गो-भक्ति का अनूठा परिचय देते हुए पथराव के बावजूद हिम्मत नहीं हारते हुए पांच वाहनों से गुजरात के मोडासा जा रहे बैलों को बचा कर पुलिस को सुपुर्द किया। गो-रक्षकों ने सबसे पहले पुलिस के 100 नम्बर पर कॉल किया था। पर, यह फोन किसी ने नहीं उठाया। पुलिस ने शनिवार देर शाम को प्रकरण दर्ज करते हुए वाहनों में मौजूद छह जनों से पूछताछ कर रही है। नगर परिषद् के पार्षद डायालाल पाटीदार ने बताया कि सागवाड़ा व परतापुर के गोरक्षकों को गो-तस्करी की सूचना मिली कि राजसमंद से बैलों से भरे कुछ वाहन मोड़ासा चांद टेकरी वाया डूंगरपुर होकर जा रहे हंै। इस पर गोरक्षक सागवाड़ा के हितेश भोई, लोकेंद्र सिंह एवं परतापुर की टीम डूंगरपुर पहुंची। यहां से पार्षद डायालाल पाटीदार, भावेश भोई व शुभम भोई आदि खेरवाड़ा पहुंचे। यहां काफी देर इंतजार के बाद करीब साढ़े 12 बजे पांच वाहन डूंगरपुर सीमा में प्रवेश किए। इस पर गो-रक्षकों ने देवल के समीप अपने वाहन रोककर सडक़ किनारे खड़े कर दिए। इस दौरान रात्रि गश्त के दौरान सदर पुलिस मौके पर पहुंची। गो-रक्षकों ने उनको पूरी जानकारी दी। इस दौरान पुलिस ने भी मौके पर नाकाबंदी की। लेकिन, पांचों वाहन नाकाबंदी तोडक़र अलग-अलग मार्गों से भागने लगी। इस पर गोरक्षकों व पुलिस ने अलग-अलग दल बनाकर पांचों वाहनों का पीछा किया। गोरक्षकों ने एक वाहन खानबीन गांव के समीप पकड़ा। पर, चालक मौके से वाहन छोडक़र भाग गया। वहीं, एक वाहन गामड़ी देवल व तीन वाहन दो नदी के समीप पकड़े। गोरक्षकों ने चालकों को पकड़ कर उनके फोन लेकर अपने वाहनों में बैठा दिया। इसके बाद पुलिस को सुपुर्द कर दिया। बाद में गो-रक्षकों ने पुलिस के निर्देश पर सभी बैलों को भण्ड़ारिया स्थित गोशाला में रखा। पुलिस ने बताया कि पांच वाहनों में १३ बैल थे।

गोरक्षकों पर पथराव
पार्षद डायालाल ने बताया कि खानबीन में पकड़ी पिकअप के पास एक गोरक्षक खड़ा था। इस दौरान कुछ लोग अचानक जीप में सवार होकर आए और गोरक्षक से उलझने लगे और गोरक्षक पर पथराव भी किया और वहां से भाग गए। इस दौरान वाहन के कांच भी क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि वाहन के सभी टायरों की हवा निकाल देने से वाहन कहीं ले नहीं जा पाए।

कंट्रोल रुम से नहीं मिला रिस्पोंस
पार्षद पाटीदार ने बताया कि गोवंश से भरे वाहनों की सूचना सबसे पहले गोरक्षकों ने १०० नंबर डायल कर पुलिस को देना चाहा था। लेकिन, काफी देर तक नंबर डायल करने के बाद भी किसी ने कॉल नहीं उठाया।