
हृदय को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से पहुंचाया निजी अस्पताल
अहमदाबाद शहर के सिविल अस्पताल में गुरुवार को और एक अंगदान का मामला सामने आया है, जिसमें ब्रेन डेड दाता के हृदय और दो किडनी का दान देकर तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दी गई। हृदय को शहर के मरेंगोसिम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया। जबकि दो किडनी का ट्रांसप्लांट सिविल मेडिसिटी कैंपस के ही किडनी अस्पताल में किया गया। सिविल अस्पताल में अब तक 164 ब्रेनडेड मरीजों के 530 अंगों का दान किया जा चुका है।
अहमदाबाद के वटवा क्षेत्र में रहने वाले इंद्रजीतसिंह राजपूत गत 31 अगस्त को दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें मणिनगर स्थित एल.जी. अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गहन उपचार के लिए असारवा स्थित सिविल अस्पताल के लिए रेफर किया गया। इंद्रजीतसिंह को एक सितम्बर को सिविल अस्पताल लाया गया। काफी उपचार के बावजूद उनकी स्थिति नहीं सुधरने पर विशेष जांच की गई। जांच के परिणाम को देखकर चिकित्सकों ने इंद्रजीत सिंह को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अस्पताल में अंगदान के लिए काम कर रहे कर्मचारी व समाज सेवकों ने इंद्रजीसिंह के परिजनों से बातचीत की। इसके बाद सभी परिजनों ने अंगदान की सहमति जताई । उनके हृदय और दो किडनी का दान किया गया।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि हृदय और फेफड़े जैसे अंगों को जीवित व्यक्ति दान नहीं कर सकता। हृदय के लिए अनेक लोग कतार में हैं। इंद्रजीतसिंह के हृदय से एक व्यक्ति को नया जीवन मिला है।
सिविल अस्पताल में दान में मिल चुके हैं 50 हृदय
सिविल अस्पताल में अंगदान अभियान के अंतर्गत अब तक दान में मिले हृदय से 50 लोगो को नया जीवन मिल गया है। लगभग तीन वर्ष के भीतर अस्पताल को 50 हृदय दान में मिले हैं। 164 ब्रेनडेड अंगदाताओं के कुल 530 अंग दान में मिले हैं, इनसे 514 लोगों को नया जीवन मिला है। इन अंगों में सबसे अधिक किडनी मिली हैं।