हिण्डौनसिटी. दौसा जिले के लालसोट में तहसील कार्यालय परिसर में तहसीलदार व स्टाफ से अभद्रता व मारपीट के मामले में बुधवार को राजस्थान राजस्व सेवा परिषद के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर तहसीलदार व नायब तहसीलदार कार्य बहिष्कार हड़ताल पर चले गए। इससे उपखण्ड क्षेत्र की तीन तहसील व दो उपतहसीलों में राजस्व कार्य बाधित हो गए। प्रकरण में कड़ी कार्रवाई एवं विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार व नायब तहसीलदारों ने कोर्ट कैम्प में आए अतिरिक्त जिला कलक्टर को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
तहसीलदार सीमा बघेल ने बताया कि मंगलवार को लालसोट में तहसीलदार अमितेश मीणा व उनके स्टाफ से कार्यालय भवन में कुछ अधिवक्ताओं ने अभद्रता व मारपीट कर दी थी। राजस्थान राजस्व सेवा परिषद ने घटना की निंदा कर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर बुधवार से कार्य बहिष्कार हड़ताल की घोषणा कर दी। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर हिण्डौन, सूरौठ, श्रीमहावीरजी तहसील सहित शेरपुर व कटकड़ उपतहसील के तहसीलदार व नायब तहसीलदारों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के कार्यालयों में कामकाज नहीं करने से राजस्व प्रकरणों की सुनवाई व निस्तारण अटक गया। राजस्व मामलों को लेकर तहसील व उपतहसील कार्यालय पहुंचे फरियादियों को निराश लौटना पड़ा। इधर सुुबह उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में करौली से कोर्ट कैम्प में आए एडीएम हेमराज परिडवाल व एसडीएम हेमराज गुर्जर को तहसीलदार व नायब तहसीलदारों ने ज्ञापन सौपा। जिसमें घटना की प्राथमिकी में नामजद किए अधिवक्ताओं की तुरंत गिरफ्तारी व लाइसेंस निरस्त करने, तहसीलदार व नायब तहसीलदार का स्थाई सुरक्षा प्रोटोकॉल बना कर तहसील व उपतहसील कार्यालय में सुरक्षा गार्ड तैनात करने, प्राथमिकी दर्ज करने में देरी करने के दोषी थानाधिकारी को निलंबित करने राजस्व मंडल से राजस्व न्यायालयों में अधिवक्ताओं के आचरण संबंधी विस्तृत दिशा निर्देश जारी कराने की मांग की गई है। ज्ञापन देने के दौरान नायब तहसीलदार रेणु चौधरी, जगमोहन शर्मा मौजूद रहे।
नहीं हुई रजिस्ट्रियां, 8 लाख की आय प्रभावित
तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के कार्य बहिष्कार से उपखंड मुख्यालय पर रजिस्ट्री कार्य ठप हो गया। इससे करीब 8 लाख रुपए की राजस्व आय प्रभावित हुई है। हिण्डौन में उपपंजीयक का चार्ज तहसीलदार पर होने से तहसील व उपपंजीयक कार्यालय दोनों में कार्य बाधित हो गया। सूूत्रों के अनुसार उपखंड मुख्यालय पर प्रतिदिन 10-15 रजिस्ट्री होती हैं। इससे सरकार को प्रति पत्रावली औसतन 50 हजार रुपए की आय होती है।