करौली. जिला मुख्यालय स्थित मैग्जीन क्षेत्र में हाइवे की हुई बदहाली लोगों के लिए नासूर बन गई है। करीब आठ वर्ष पहले जब हाइवे का निर्माण हुआ था, तो लोगों ने उम्मीद की थी अब आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के वाशिंदों को भी अपने घरों-दुकानों के सामने चमचमाती सड़क नजर आएगी, लेकिन उनकी यह उम्मीद कुछ दिनों बाद ही धूमिल होने लगी और अब हालात बद से बदतर हो गए हैं, लोगों की बार-बार गुहार के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी समस्या समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं।
जिला मुख्यालय पर मैग्जीन क्षेत्र में बदहाल हुए हाइवे ने क्षेत्र के वाशिंंदो की इस समस्या को नासूर बना डाला है। वर्ष दर वर्ष गुजरने के बाद भी जिम्मेदार इसकी अनदेखी किए हुए हैं, वहीं जिला प्रशासन भी कार्रवाई के प्रति गंभीर नहीं है। नतीजतन अब मैग्जीन तिराहे का हाइवे हादसों का सबब बन गया है, लेकिन क्षेत्र के लोगों की पीड़ा को न जिला प्रशासन सुन पा रहा और न ही एनएचएआई के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार है। नतीजतन अनदेखी के चलते मैग्जीन क्षेत्र में एक ओर की सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं और सदैव पानी भरा रहता है।
कई बार लगा चुके गुहार
जलभराव से मुक्ति दिलाने और पानी निकासी के उचित प्रबंध करने की मांग को लेकर क्षेत्र के वाशिंदे कई बार जिला प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी यह गुहार अनसुनी ही होती रही है। हालांकि बीच में एक बार एनएचएआई की ओर से जल निकासी के लिए एक ओर के नाले की खुदाई कराई गई, लेकिन यह प्रयास भी सफल नहीं हुआ। नतीजतन समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसे में हाइवे पर अभी भी पानी भरा है।
जल निकासी के नहीं प्रबंध
असल में मैग्जीन इलाके में हाइवे निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए सड़क किनारे नाले का निर्माण तो कराया गया, लेकिन उसमें छोड़ी गई खामी अब तक लोगों को परेशानी बनी हुई है। पानी निकासी के अभाव में सड़क के बीच ही जलभराव हो रहा है। समय पर ध्यान नहीं देने से सड़क अब जर्जर हाल हो गई है। गिट्टियां बिखर रही हैं और गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे एक ओर तो आवागमन बाधित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर घरों-दुकानों के सामने सड़क पर सदैव पानी भरा रहना क्षेत्र के निवासियों के लिए मुसीबत बना हुआ है।
पलट चुके हैं वाहन
मैग्जीन क्षेत्र पर जलभराव से हाइवे पर हुए गड्डों में अनेक वाहन पलट चुके हैं। आए दिन पानी भरे गड्ढों के कारण वाहन पलटने की घटनाएं होती रहती हैं। इससे वाहन मालिकों को नुकसान भी उठाना पड़ा, वहीं रास्ता भी अवरुद्ध होता है। मंगलवार को भी एक कार पानी भरे गड्ढे में फंस गई। ऐसे में एक ओर से आवागमन बाधित हो गया। काफी मशक्कत के बाद कार को निकाला जा सका। क्षेत्र के निवासी कैलाश गुप्ता, रमेश जोशी, अभिषेक, तेजङ्क्षसह माली, बाबूलाल माली आदि ने बताया कि जलभराव की समस्या नासूर बन गई है। कई बार प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही।