
– पौह महंत संत रामनिवासदास महाराज ने हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना
– धोती-कुर्ता, साफा, जूती व हाथ में छतरी लिए नजर आए मंडा परिवार के ये लोग
– क्रेनों पुष्पवर्षा कर ग्रामीणों ने किया स्वागत
खजवाना(नागौर). लोकदेवता वीर तेजाजी के बलिदान दिवस पर 13 सितम्बर को तेजाजी की जन्मस्थली खरनाल में भरने वाले मेले में शामिल होने के लिए गांव-ढाणियों से पैदल यात्रियों के जत्थे रवाना हो रहे हैं। बुधवार को ढाढरिया कलां से एक ही गौत्र के 500 से अधिक लोग पारम्परिकराजस्थानीवेशभूषा में पैदल खरनाल के लिए रवाना हुए। आयोजन मण्डल के सदस्यों ने बताया कि मण्डा परिवार के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस यात्रा में शामिल हैं। संघ रवाना होने पर ढाढरिया गांव में तेजा गायन गूंजता रहा। डीजे की धुन पर पुरुष, महिलाएं व बच्चे झूमते हुए नृत्य कर रहे थे।
पारम्परिक वेशभूषा में नजर आए यात्री
संघ में सभी पदयात्री धोती-कुर्ता, साफा, जूती व हाथ में छतरी लिए हुए मनमोहक लग रहे थे। ग्रामीणों का मानना है ऐसे आयोजनों से प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण होता है तथा परम्परागत पहनावे को बढ़ावा मिलता है।
संतों ने हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना
आकेलीपौह धाम के महंत संत रामनिवास दास महाराज, भाजपा नेता नवीन मण्डा व समाजसेवी राजूराम मण्डा ने हरी झण्डी दिखाकर संघ को रवाना किया। इस दौरान महाराज ने कहा कि गौरक्षक तेजाजी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने लाछा गुजरी की गायों को दुश्मनों से बचाकर गौरक्षा का संदेश दिया, साथ ही सत्य व वचनबद्धता की मिशाल कायम की।
क्रेन से पुष्प वर्षा, रथ में सवार नजर आए बुजुर्ग
संघ रवाना होने पर ग्रामीणों ने चार क्रेन से करीब एक क्विंटल गुलाब के फूलों की वर्षा की। मुख्य आकर्षण के तौर पर आरामदायक सौफों से सजाया हुआ ट्रेलर रथ था। उसमें गांव के बुजुर्ग व बच्चे बैठे हुए थे। खजवाना पहुंचने पर संघ का पुष्प वर्षा से किया गया।