करौली. गृह राज्य एवं जिला प्रभारी मंत्री जवाहरसिंह बेढम ने राजस्थान सरकार के बजट 2026-27 को प्रदेश के समग्र और सतत विकास का दस्तावेज बताया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट वर्ष 2047 तक राज्य को 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट आमजन, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग के उत्थान को समर्पित है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत विजन को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 का बजट आकार 6.10 लाख करोड़ रुपए है, जो 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। राज्य का संभावित जीएसडीपी 21.52 लाख करोड़ रुपए और प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपए से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा के लिए 69 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट/लैपटॉप के लिए ई-वाउचर तथा छात्राओं को साइकिल के लिए सहायता दी जाएगी। इसी प्रकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई घोषणाएं की गई हैं। वहीं कृषि बजट 1.19 लाख करोड़ रुपए का रखा गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए राजस्थान स्टेट टेङ्क्षस्टग एजेंसी गठित होगी। पांच वर्षों में 4 लाख नौकरियों के संकल्प के तहत अब तक 1 लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इस मौके पर करौली विधायक दर्शनसिंह, सपोटरा विधायक हंसराज मीना, कलक्टर नीलाभ सक्सेना, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, नारायण मीणा प्रदेश मंत्री आदि मौजूद रहे।
करौली जिले को भी मिली सौगातें
प्रभारी मंत्री ने कहा कि बजट में करौली जिले के लिए सडक़, सिंचाई, विद्युत, जल निकासी, खेल आदि से जुड़ी कई घोषणाएं की गई हैं। मासलपुर तहसील में फखड़ मोड़ से डाडा गांव तक सडक़ निर्माण पर 8 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सपोटरा क्षेत्र में भूरी पहाड़ी हाड़ौती सडक़ (एसएच-122) पर रपट निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। विद्युत सुदृढ़ीकरण के तहत सपोटरा के चैनपुर तथा करौली के जमूरा-मासलपुर में 33/11 केवी जीएसएस स्थापित किए जाएंगे। हिण्डौन में 71 करोड़ रुपए की लागत से शहरी जल निकासी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा और खेल स्टेडियम का निर्माण भी होगा। सिंचाई क्षेत्र में पांचना बांध एवं पांचना गुड़ला लिफ्ट स्कीम से जुड़े गांवों सहित अन्य राजस्व गांवों को लिफ्ट योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा बंद पड़ी योजना का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। वन्यजीव संरक्षण के तहत रणथम्भौर बाघ परियोजना द्वितीय-करौली सहित अन्य संरक्षित क्षेत्रों में 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।