सर्वपितृ अमावस्या के साथ श्राद्ध पक्ष का हुआ समापन, कई जगह किए सामूहिक तर्पण
इंदौर. 16 दिनी श्राद्ध पक्ष का बुधवार को पर्व पितृ अमावस्या के साथ समापन हुआ। शहर भर में कई जगह सामूहिक तर्पण किए गए। लोगों ने अपने घरों में 16 दिनों तक नियमित श्राद्ध कर्म कर दान पुण्य किए। वहीं बुधवार को ज्ञात-अज्ञात के साथ जिन लोगों को अपने पितरों की मृत्यु की तिथि पता नहीं थी, उनके पितरों का भी श्राद्ध कर्म किया गया।
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पितरों के प्रति श्राद्ध तर्पण करना सामाजिक कर्तव्य – पं. मनोज भार्गव
पितरों के प्रति श्राद्ध तर्पण करना प्रत्येक व्यक्ति का सामाजिक कर्तव्य है, लेकिन ऐसे कर्तव्य को करना सभी के भाग्य में नहीं होता वे सभी सौभाग्यशाली हैं जिन्होंने अपने-अपने पितरों की याद में श्राद्ध तर्पण किया। दिवंगतों को याद करना और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करना यही 16 दिवसीय श्रद्धा का मूल कर्तव्य है जिससे पितरों की निरंतर कृपा हम पर बरसती है। यह विचार इंदौर सेवा ट्रस्ट के द्वारा आयोजित 16 दिवसीय श्राद्ध तर्पण आयोजन में पं. मनोज भार्गव ने समापन अवसर पर व्यक्त किए।
पंडित योगेंद्र महंत ने बताया कि बुधवार को लगभग 4 घंटे तक अलग-अलग पारियों में तर्पण किया गया। उसके बाद हवन पूजन कर महाआरती की गई। इस अवसर पर सभी पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। 16 दिवसीय श्राद्ध तर्पण में प्रमुख रूप से योगेंद्र पाराशर, राम सिंह बावेल, मनोज शर्मा अशोक चतुर्वेदी, अर्पणा जोशी, सपना शर्मा, लक्ष्मी नारायण भार्गव, अनंत महंत, विनीत त्रिवेदी, घनश्याम वैष्णव आदि ने सहयोग दिया।
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कर्म में अर्पण और समर्पण का भाव रखें, यही सबसे बड़ा तर्पण –
तर्पण में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा के साथ अर्पण और समर्पण का भाव भी होना चाहिए। सनातन संस्कृति सात जन्मों तक पुनर्जन्म में विश्वास रखती है। हमारे कर्म के आधार पर ही मोक्ष की मंजिल तय होती है। भविष्य को संवारने के लिए वर्तमान में अपने प्रत्येक कर्म में अर्पण और समर्पण का भाव भी रखें, यही अपने पूर्वजों का सबसे बड़ा तर्पण होगा। उक्त विचार पं. पवन तिवारी ने हंसदास मठ पर श्रद्धा सुमन सेवा समिति द्वारा चल रहे 16 दिवसीय तर्पण अनुष्ठान के समापन अवसर पर व्यक्त किए।
सर्वपितृ अमावस्या के मौके पर दो पारियों में करीब 2 हजार साधकों ने तर्पण किया। भगवान हरि विष्णु का पूजन रामचरणदास महाराज के सानिध्य और पं. पवन दास महाराज के आतिथ्य में अध्यक्ष हरि अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेन्द्र सोनी, महासचिव डॉ. चेतन सेठिया, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, गौरव अग्रवाल और अन्य संतों-महंतों ने किया। कार्यक्रम में समिति के संस्थापक अध्यक्ष ब्रह्मलीन मोहनलाल सोनी की याद में साधकों को 2100 तुलसी के पौधे भी भेंट किए गए। वहीं सभी ने गौशाला पहुंचकर गोसेवा भी की तथा दान का पुण्य लाभ भी उठाया। अनुष्ठान की पूर्णाहुति यज्ञ-हवन के साथ संपन्न हुई। संचालन हरि अग्रवाल एवं राजेन्द्र सोनी ने किया और आभार राजेन्द्र गर्ग ने माना।
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राजेंद्र नगर में हुआ सामूहिक तर्पण –
आध्यात्मिक साधना मंडल, महाराष्ट्र समाज और तरुण मंच द्वारा सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर राजेंद्र नगर स्थित जवाहर सभागृह में सामूहिक तर्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने अपने पूर्वजों की याद में तर्पण किया।
आयोजन के मार्गदर्शक पंडित विजय अयाचित ने बताया कि इस मौके पूरे देश की रक्षा करने वाले बलिदानी सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों और ज्ञात अज्ञात राष्ट्र भक्त बलिदानियों की आत्मशांति के लिए भी तर्पण किया गया। सामूहिक तर्पण की विधि पंडित उपेंद्र जोशी ने संपन्न करवाई। तर्पण की शुरुआत में हनुमान जी की पंचमुखी प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन पार्षद प्रशांत बडवे ने किया। कार्यक्रम में अरुण खोचे, अनिल पाटिल, अरविंद चौगंजकर और जयंत शिरालकर ने किया।