भीलवाड़ा। भीलवाड़ा नगर निगम महापौर राकेश पाठक ने कहा कि चुनौतियां बहुत है, अच्छा कार्य करने के बावजूद शिकायतें भी सुनने को मिली। कार्यशैली पर सवाल उठे, लेकिन विकास के संकल्प के साथ मैं, टीम के साथ आगे बढ़ता गया। राजस्थान पत्रिका के वरिष्ठ रिपोर्टर नरेन्द्र वर्मा से महापौर Nagarnigambhilwaramahaporrakeshpathk से हुई बातचीत के प्रमुख अंश।
सवाल: अभी तक के साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान आप पर कई मौकों पर आरोप भी लगे है, ऐसा क्यूं ?
जवाब: लोकतंत्र में विरोध का अपना स्थान है, विरोध का मैं स्वागत करता हूं, लेकिन लोग विरोध के लिए विरोध करें यह जायज नहीं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में मेरा तीन स्तर पर विरोध हुआ, इनमें शिकायतों का दौर बड़ा था, इसमें सभी में क्लीन चिट मिली। सोशल मीडिया पर भी गिनती के लोगों ने मेरी छवि प्रभावित करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकें। धरने-प्रदर्शन का फार्मूला भी फेल हुआ। हालांकि सफलता के लिए विरोध का पक्ष भी जरूरी होता है।
सवाल: साढ़े चार साल के कार्यकाल के बारे में क्या कहेंगे ?
जवाब: अभी तक का कार्यकाल गौरवांवित महसूस करने वाला समय कोरोना संकट काल का रहा। संकट काल में हमने जनता की दिल से सेवा की। भोजन, दवा, आवास की बेहतर व्यवस्था की। अंतिम संस्कार से लेकर अिस्थ विसर्जन तक में निगम की पूरी टीम ने आत्मीयता से कार्य किया।