4 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

युद्ध के लिए कितना तैयार है भारत? सेना प्रमुख ने लिया तैयारी का जायजा

Mhow News : हाईटेक युद्धक तैयारी का जायजा लेने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी महू पहुंचे। यहां उन्होंने मल्टी डोमेन ऑपरेशंस, डेटा सेंट्रिसिटी और ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण का निरीक्षण किया।

2 min read
Google source verification
Mhow News

सेना प्रमुख ने लिया हाईटेक युद्धक तैयारी का जायजा (Photo Source- Patrika)

Mhow News : भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित मध्य डॉ. आंबेडकर नगर (महू-Mhow) में स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई) का दौरा कर अत्याधुनिक सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें एनएफएस एडवांस ट्रेनिंग सेंटर (एटीसी) की कार्यप्रणाली और तकनीकी ढांचे की जानकारी दी गई।

सेना प्रमुख को बताया गया कि, ये पैन इंडिया त्रि-सेवा प्रशिक्षण केंद्र मल्टी डोमेन ऑपरेशंस और नेटवर्क सेंट्रिसिटी जैसे उच्च स्तरीय रणनीतिक उद्देश्यों पर आधारित पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। वर्ष 2026 को नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी के रूप में मनाने की परिकल्पना के अनुरूप यहां अधिकारियों और जवानों को हाईटेक, पाठ्यक्रम आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निरीक्षण के उपरांत जनरल द्विवेदी ने संस्थान की भूमिका की सराहना करते हुए एमसीटीई के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्शी वीएसएम को भविष्य के ‘टेक वॉरियर्स’ तैयार करने के प्रयासों के लिए बधाई दी।

सेंसर टू शूटर लिंक और हाईस्पीड नेटवर्क पर विशेष प्रशिक्षण

एडवांस ट्रेनिंग सेंटर में इन्फैंट्री, आर्मर्ड और आर्टिलरी के अधिकारियों को रियल टाइम ‘सेंसर टू शूटर लिंक’ के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही नवीनतम हाईस्पीड एनएफएस नेटवर्क पर आधारित संचालन प्रणाली से भी अवगत कराया जा रहा है। यह प्रशिक्षण पारंपरिक सैन्य प्रणालियों और भविष्य की डिजिटल तकनीकों के बीच सेतु का कार्य कर रहा है, जिससे कमांडर बिग डेटा तथा वॉयस, डेटा और वीडियो आधारित ट्रिपल प्ले सेवाओं का समन्वित संचालन कर सकें।

ड्रोन ट्रेनिंग नोड का अवलोकन, एआई आधारित समाधान का प्रदर्शन

सेना प्रमुख ने एमसीटीई के ड्रोन ट्रेनिंग नोड का भी निरीक्षण किया, जो ‘ईगल ऑन द आर्म’ विजन के अनुरूप कार्य कर रहा है। यहां छात्र अधिकारियों को ड्रोन के ऑपरेशनल उपयोग और फील्ड तैनाती के व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। दौरे के दौरान एआइ और ड्रोन तकनीक आधारित फील्ड डिप्लॉयबल समाधानों का प्रदर्शन भी किया गया। यह पहल वॉयस सेंट्रिक से डेटा सेंट्रिक संचालन की दिशा में भारतीय सेना के परिवर्तनकारी कदम को रेखांकित करती है।