
इंदौर में दर्दनाक हादसा (Photo Source- Patrika)
Tragic Accident : देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में एक बार फिर जहरीली गैस से भरे ड्रेनेज चैंबर में उतरने से नगर निगम के दो कर्मचारियों की मौत हो गई। इस बार मौत लापरवाही से नहीं, निगम और पुलिस के ढुलमुल रवैये से हुई है। चैंबर में गिरे पाइप को निकालने पहले एक कर्मचारी उतरा। वो नहीं लौटा तो दूसरा कर्मचारी टैंक में उतर गया। लेकिन दोनों अंदर ही रह गए।
सोमवार शाम चोइथराम मंडी के सामने सीवरेज लाइन साफ करने के दौरान करण यादव और अजय डोडिया चेंबर में उतरे थे। दोनों चेंबर में सक्शन मशीन का पाइप डाल रहे थे। उस दौरान पाइप का एक हिस्सा टूटकर चेंबर में गिर गया। उसे निकालने के लिए कर्मचारी चैंबर में झांक कर देख रहा था। वह जहरीली गैस की चपेट में आने से उसमें गिर गया। उसे बचाने उतरा दूसरा व्यक्ति भी अंदर ही रह गया। गैस की चपेट में आने से दोनों की जान चली गई।
प्रत्यक्षदर्शी अमित ने बताया कि, दो निगमकर्मी शाम साढ़े पांच बजे चैंबर में पानी छोड़ने आए थे। उस दौरान उनका पाइप चैंबर में गिर गया। पाइप लेने पहला कर्मचारी चैंबर में उतरा। लेकिन वो अंदर ही बेहोश हो गया। टैंकर चालक ने उसे अंदर उतरने से मना किया था। दूसरा कर्मचारी उसे बचाने उतर गया, पर वो भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया।
टैंकर चालक ने दोनों को बचाने के लिए जोखिम लिया। लोगों ने ड्राइवर की कमर पर रस्सी बांधी और उसे चैंबर में उतारा। चैंबर में एक कर्मचारी गंदे पानी में डूबा था तो दूसरे का कोई पता नहीं चला। ड्राइवर भी गैस की चपेट में आकर बेसुध होने लगा। सभी ने तुरंत उसे बाहर निकाला। फिर चौथा इंसान मदद को आगे आया। उसने मुंह पर कई मास्क बांधे। चैंबर में उतरा। बाद में लोगों ने कर्मचारियों को निकालने के लिए फंदा बनाया और किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। बाद में एसडीईआरएफ और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची।
घटना के दो घंटे बाद तक मौके पर न तो कोई नगर निगम अधिकारी आया और न पुलिसकर्मी पहुंचा। लोगों का आरोप है कि दो घंटे तक कोई भी मदद के लिए नहीं पहुंचा। इस वजह से चैंबर की जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों कर्मचारियों की जान चली गई।
नगर निगम ने घटना के बाद आधिकारिक सूचना जारी की। बताया कि चोइथराम अस्पताल के बाहर ड्रेनेज चैंबर में डीवाटरिंग वाहन को खाली करते समय घटना हुई। प्रारंभिक स्तर पर जानकारी मिली है कि जोन-13 में सैप्टिक टैंक खाली करने के बाद निगम कर्मचारी डीवाटरिंग वाहन का पानी चोइथराम अस्पताल के गेट के पास प्राइमरी लाइन के चैंबर में छोडऩे आए थे। चैंबर का ढक्कन खोलकर डीवाटरिंग वाहन का पानी खाली करने के दौरान पाइप चैंबर में गिर गया। पाइप निकालने कर्मचारी बिना किसी जानकारी, अज्ञानतावश चैंबर में उतर गए। इस वजह से दोनों कर्मचारियों अजय व करण का निधन हो गया।
मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों मृतकों के परिजन को 30-30 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। बता दें, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सीवर संबंधी मृत्यु घटित होने पर रुपए 30 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के संबंध में वर्ष 2023 में निर्णय पारित किया गया था।
घटना के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव व निगमायुक्त क्षितिज सिंघल भी मौके पर पहुंचे। भार्गव ने कहा, दो कर्मचारियों का निधन दुखद है। पूरा नगर निगम परिवार दुख की घड़ी में मृतकों के परिजनों के साथ है। इस घटना के जांच के आदेश दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस टीम के देरी से पहुंचने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए इंदौर जोन-1 के डीसीपी कृष्ण लालचंदानी न कहा- 'ऐसा नहीं है, तुरंत पहुंच गई थी पुलिस टीम थाना प्रभारी तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। 20 मिनट बाद मैं भी वहां पहुंच गया था। एक बॉडी पुलिस ने ही निकाली थी।' पूछा गया कि, 'वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है, कुछ लोग मृतक के गले में रस्सी बांधकर बाहर निकाल रहे थे? इसपर प्रतिक्रिया देते हुए इंदौर डीसीपी ने कहा- इस बिंदु पर जांच क
Updated on:
03 Mar 2026 12:50 pm
Published on:
03 Mar 2026 12:49 pm
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