
Holi 2026 Rashi Anusar Rang : होली के रंग और राशि (फोटो सोर्स: Gemini AI)
Holi 2026 Rashi Anusar Rang : होली मतलब सिर्फ हुड़दंग, पक्का रंग और भीगे कपड़े नहीं है। अगर आप भी यही सोचते हैं, तो आपको बता दें यह होली बेहद खास है। इस बार फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होने के कारण रंगो का महोत्सव 4 मार्च को मनाया जा रहा है। 3 मार्च को हुए चंद्र ग्रहण की वजह एक ऐसा दुर्लभ महायोग बन गया है जो पूरे 500 साल बाद लौटकर आया है।
क्या आपने कभी सोचा है कि हम एक-दूसरे पर रंग क्यों फेंकते हैं? इसकी जड़ें जुड़ी हैं द्वापर युग के सबसे प्यारे किस्से से। नन्हे कृष्ण अपने सांवले रंग को लेकर थोड़े फिक्रमंद थे। उन्हें डर था कि गोरी राधा उन्हें पसंद करेंगी या नहीं। तब मैया यशोदा ने हंसते हुए कहा, जाओ कान्हा, जो रंग तुम्हें पसंद हो वो राधा के चेहरे पर लगा दो" बस, फिर क्या था कान्हा ने सखाओं के साथ मिलकर राधा रानी को रंगों से सराबोर कर दिया। तब से यह रंग केवल रंग नहीं, बल्कि बराबरी और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक बन गए। आज भी ब्रज की लठमार होली और गुलाल की होली इसी दिव्य प्रेम की गवाही देती है।
ज्योतिष विज्ञान कहता है कि होलाष्टक (होली से 8 दिन पहले) के दौरान ग्रह बेहद उग्र और नकारात्मक अवस्था में होते हैं। इस दौरान हमारी मानसिक शांति भंग हो सकती है।
वैज्ञानिक पहलू: मार्च के इस महीने में मौसम बदल रहा होता है (सर्द-गर्म), जिससे बीमारियां फैलती हैं। पहले के जमाने में नीम, हल्दी और पलाश के फूलों से बने प्राकृतिक रंग शरीर पर 'एंटी-बायोटिक' की तरह काम करते थे।
ज्योतिषीय लाभ: जब हम लाल, पीला या हरा गुलाल हवा में उड़ाते हैं, तो वह वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और हमारे ओरा (Aura) को शुद्ध करता है।
क्या आप जानते हैं कि सही रंग का चुनाव आपकी सोई हुई किस्मत जगा सकता है? जानिए किस ग्रह के लिए कौन सा रंग है पावर बूस्टर:
ज्योतिषियों के अनुसार, मिथुन, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए यह 500 साला योग धन के नए रास्ते खोलेगा। वहीं, मेष और सिंह राशि वालों को इस दिन ठंडे दिमाग से काम लेने की जरूरत है। इस बार नेचुरल कलर्स या अबीर का प्रयोग करना न केवल आपकी त्वचा के लिए, बल्कि आपकी कुंडली के दोषों को काटने के लिए भी उत्तम रहेगा।
आजकल के केमिकल वाले पक्के रंगों से बचकर रहें। इस होली अपनी खुशियों में ऑर्गेनिक तड़का लगाएं। याद रखिए रंग सिर्फ चेहरे पर नहीं, रूह पर चढ़ना चाहिए।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Updated on:
04 Mar 2026 11:14 am
Published on:
04 Mar 2026 11:01 am
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