कच्छ जिले की अंजार तहसील के मोमायनगर की रहने वाली 24 वर्षीय जीनल राजगौर के अंगों से तीन जरूरतमंदों को नया जीवन मिल गया। ब्रेन स्ट्रोक के चलते ब्रेन डेड घोषित की गई जीनल की दो किडनी, लिवर, त्वचा और आंख का दान किया। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में पिछले तीन वर्षों अब तक 161 ब्रेन डेड दाताओं की ओर से 520 अंगों का दान किया जा चुका है।जानकारी के मुताबिक मोमायनगर निवासी जगदीश राजगोर की 24 पत्री जीनल को ब्रेन स्ट्रोक के कारण गत सोमवार को गहन उपचार के लिए अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उसके बाद उपचार के दौरान चिकित्सकों ने इस युवती को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अंगदान चैरिटेबल ट्रस्ट के दिलीप देशमुख व अस्पताल के अन्य स्टाफ ने जीनल के पिता को अंगदान के संबंध में समझाया। परोपकार की भावना से पिता ने बेटी के अंगों के दान की स्वीकृति दी। इन अंगों को जरूरतमंद लोगों में प्रत्यारोपित कर उन्हें नई जिंदगी दी जा सकेगी। किडनी व लिवर का प्रत्यारोपण सिविल मेडिसिटी के ही इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिस एंड रिचर्स सेंटर (आईकेडीआरसी) में किया गया। जीनल की त्वचा व आंखों को भी दान में दिया। दोनों आंखों को सिविल मेडिसिटी स्थित आंख अस्पताल में ले जाया गया। जबकि त्वचा को सिविल अस्पताल स्थित स्किन बैंक में रखा गया है। जिसका जरूरत होने पर मरीज का उपचार किया जा सकेगा। जीनल से पहले अस्पताल में 160 ब्रेन डेड दाताओं के अंगों का दान किया गया।दान में मिले अंगों से 504 लोगों को बचाया
सिविल अस्पताल में अब 161 ब्रेन डेड मरीजों के 520 अंग दान में मिले हैं। इनसे 504 लोगों को नया जीवन मिला है। इनमें सबसे अधिक किडनी, लीवर, हृदय हैं। इसके अलावा हाथ, छोटी आंत व त्वचा का भी दान दिया गया है।
डॉ. राकेश जोशी, चिकित्सा अधीक्षक सिविल अस्पताल