भीलवाड़ा। शहर के उपनगर सांगानेर में दो दिन पूर्व गणेश पांडाल में हुई पथराव की घटना को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने घर छोड़ कर एवं ताले पर काली पट्टी बांध कर अनूठे तरीके से विरोध किया। करीब एक किलोमीटर दूर देवस्थान पर भजन-कीर्तन कर सामूहिक रूप से भोजन किया। इससे दिनभर कस्बे के बाजार बंद रहे और सन्नाटा पसरा रहा।
ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि हम शांति चाहते है
दरअसल, सांगानेर में गणपति महोत्सव के तहत गढ स्कूल में पांडाल में गरबा चल रहा था। दो दिन पूर्व समाजकंटकों ने पांडाल पर पथराव किया। इससे माहौल गरमा गया। घटना के विरोध में ग्रामीण एकत्र भी हुए और पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
दो दिन बीतने के बावजूद आरोपी हाथ नहीं आए। इस बीच सोमवार को बारावफात पर्व पर जुलूस निकलना था। इसे लेकर ग्रामीण सुबह घरों पर ताले लगाकर पथराव के विरोध में दरवाजे पर काली पट्टी बांध दी। एक किलोमीटर दूर देवस्थान पर पहुंचे। यहां सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन किया।
बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के लिए वहीं पर भोजन तैयार हुआ। भगवान को भोग लगाकर प्रसादी ग्रहण की। जुलूस समाप्ति के बाद वापस ग्रामीण घर लौट आए। लेकिन तब तक गांव में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारी भी विरोध में शामिल थे।