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हरियाणा में आरडीएक्स के साथ पकड़े गए अजमेर निवासी ऑटो चालक अली अकबर को पाकिस्तान से स्लीपर सेल तैयार करने का टास्क मिला था। उसे राजस्थान के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसके लिए प्रति व्यक्ति 50 हजार रुपए का लालच दिया गया था। अंबाला एसटीएफ ने नेटवर्क सक्रिय होने से पहले ही अली अकबर, मेरठ निवासी अनस और कंबासी निवासी जंगबीर को गिरफ्तार कर लिया। यह खुलासा आरोपियों ने जांच कर रही केंद्रीय खुफिया एजेंसी और एटीएस के सामने किया।
जांच में सामने आया कि ऑटो चलाने के दौरान अली अकबर लॉरेंस गैंग के संपर्क में आया। वह गैंग के गुर्गों की ठहरने की व्यवस्था करता था। इसी नेटवर्क के जरिए वह पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़ा। करीब डेढ़ साल पहले सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आने के बाद बातचीत के लिए ‘सिग्नल’ ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था।
प्रकरण में चौथे आरोपी की पंजाब से गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है, जिसे आरडीएक्स की खेप सौंपी जानी थी। सुरक्षा एजेंसियां मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के जरिए डिलीट चैट व लोकेशन डेटा रिकवर कर रही हैं। इधर, अजमेर में पुलिस, आइबी और सीआइडी क्राइम ब्रांच की टीमें अली अकबर के परिजन व परिचितों से पूछताछ कर रही हैं।
Published on:
18 Mar 2026 02:38 am
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