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जिले की देहगाम तहसील के वासणा सोगठी गांव के निकट मेश्वो नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान 10 लोग डूब गए। इनमें से आठ लोगों की मौत हो गई है जबकि दो लोगों की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार देहगाम में वासणा सोगठी गांव के निकट बहने वाली मेश्वो नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन करने एक परिवार के कुछ लोग गए थे। इस बीच गहरे पानी में चले जाने से ये लोग एक-दूसरे का बचाव करते डूबने लगे। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही देहगाम फायर ब्रिगेड और बचाव दल की टीम मौके पर पहुंच गई। इन टीमों ने आठ लोगों के शव बरामद बाहर निकाले। जबकि 2 की तलाश की जारी है।
एनडीआरएफ की टीम बुलाई
घटनास्थल पर स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की टीम ने 8 लोगों के शव दो निकाल लिए। अन्य दो लोगों की तलाश के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम को भी बुलाया गया। जानकारी पाते ही प्रांत अधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिवारजनों में मातम पसरा है।
ये हैं मृतक
मृतकों में राजेश सिंह चौहान, चिराग सिंह चौहान, जसपाल सिंह चौहान, धर्मेन्द्र सिंह चौहान, युवराज सिंह चौहान, पृथ्वी सिंह चौहान, सिद्धराज चौहान व विजय सिंह सोलंकी शामिल हैं। ये सभी एक ही गांव के बताए जाते हैं।
जिला कलक्टर मेहुल दवे ने बताया कि ये लोग गणेश विसर्जन के लिए नदी में उतरे थे। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार बृजेश मोडिया और स्थानीय अधिकारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर जानकारी ली।
विधायक बलराजसिंह चौहाण ने कहा कि ग्राम पंचायत ने लोगों को सतर्क किया था और प्रशासन ने चेक डैम से दूर सुरक्षित विसर्जन क्षेत्र निर्धारित किया था। हालांकि उत्साह में कई युवक नदी में चले गए जिससे यह दुर्घटना घटी।
हालांकि ग्रामीणों और बचने वाले युवकों से पता चला कि ये लोग गणेश विसर्जन के लिए नहीं आए थे, बल्कि नहाने आए थे। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने डूबे हुए लोगों के शवों को निकालने की व्यवस्था की।
विसर्जन के दौरान छह दिनों में 15 की मौत
गुजरातभर में पिछले कुछ दिनों में गणेश विसर्जन के दौरान हुए हादसों में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को पाटण में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने से चार लोगों की मौत हुई थी। वहीं नडियाद में 2 और जूनागढ़ में एक युवक की मौत हो चुकी है।