जावाल सिरोही तहसील की कृष्णावती नदी में बजरी खनन के विरोध के बाद मंत्री, सांसद व अधिकारियों के आश्वासन के बाद अब खनिज विभाग जोधपुर व सिरोही की टीम ने बुधवार को पुलिस, पटवारी व प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में सर्वे कार्य शुरू किया।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों धरने के दौरान ग्रामीणों ने तुरंत प्रभाव से बजरी खनन रोक कर उच्च स्तरीय जांच कर बजरी खनन की लीज को निरस्त करने सहित अन्य मांगें रखी थी। उस दौरान राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुम्बाराम चौधरी, जिला अध्यक्ष रक्षा भंडारी के लिखित आश्वासन पर धरने में आमरण अनशन पर बैठे दिनेशसिंह जामोतरा व नारायण लाल सुथार को ज्यूस पिलाकर अनशन को तुड़वाकर धरने को समाप्त कराया था। बुधवार को जावाल नदी में ड्रोन कैमरे से अधिकारियों व प्रतिनिधि मंडल की मौजूदगी सर्वे किया गया।
धरने के दौरान यह रखी थी मांग
गत 25 मई की रात को सर्किट हाउस सिरोही में राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुंबाराम चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुन राम पुरोहित, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी की मौजूदगी में प्रशासन तथा संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल की समझौता वार्ता हुई थी। जिसमे अतिरिक्त जिला कलक्टर सिरोही की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बिठाने, जिसमें कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के नौ सदस्य व खनन विभाग जोधपुर की टीम भी शामिल करने और जांच में दोषी पाए जाने पर लीज निरस्त करवाने की कार्रवाई करने की मांग रखी। जब तक जांच पूरी नहीं होगी, तब तक कृष्णावती नदी में खनन पूर्णतया प्रतिबंध रखने पर भी सहमति बनी थी।