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वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियन अश्विनी विश्नोई ने कहा, मुझे गर्व है मैं, भारत की बेटी हूं, अगला लक्ष्य ओलंपिक-ए​शियाड

भीलवाड़ा के जवाहरनगर की बेटी अश्विनी विश्नोई ने ग्रीस के एथेंस में तिरंगा फहरा दिया है। अश्विनी ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में अंडर-17 के 65 किलो वर्ग के खिताबी मुकाबले में उज्बेकिस्तान की पहलवान पर एक तरफा जीत दर्ज की है। इस स्वर्णिम सफलता से देश गौरवांवित है।

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भीलवाड़ा। भीलवाड़ा के जवाहरनगर की बेटी अश्विनी विश्नोई ने ग्रीस के एथेंस में तिरंगा फहरा दिया है। अश्विनी ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में अंडर-17 के 65 किलो वर्ग के खिताबी मुकाबले में उज्बेकिस्तान की पहलवान पर एक तरफा जीत दर्ज की है। इस स्वर्णिम सफलता से देश गौरवांवित है। भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह अ​श्विनी के भव्य स्वागत में खेल प्रेमियों ने पलक पावड़ बिछा दिए। राजस्थान पत्रिका के वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र वर्मा ने अश्विनी विश्नोई से बातचीत की। बातचीत के दौरान उनका उल्लास व जोश शब्दों में दिख रह था। उनसे बातचीत के अंश इस प्रकार हैं।

सवाल: स्वर्णिम सफलता का लक्ष्य कैसे हासिल किया ?

जवाब: परिवार में शुरू से ही कुश्ती का माहौल था, ऐसे में कुश्ती के प्रति बचपन से ही लगाव था। सात साल से कुश्ती का अभ्यास कर रही हूं, इस दौरान कड़ी मेहनत की। उस समय नौ साल उम्र थी।

सवाल: कहां से कुश्ती लड़ना शुरू किया ?

जवाब: शिव व्यायाम शाला पुर में कुश्ती की बारीकियां सीखी। कोच कल्याण विश्नोई ने मुझे कड़ी मेहनत कराई उनके दांव पेच ने मुझे जीत की राह दिखाई। यहां व्यायामशाला में नियमित रूप से 3 घंटे सुबह व 3 घंटे शाम को अभ्यास करती हूं।

सवाल: कुश्ती का पहला खिताब कब जीता और कैसे लगा ?

जवाब: वर्ष 2022 में पटना में रैकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। यहां अंडर-15 में कुश्ती का पहला गोल्ड जीता। इसके बाद खिताबी जीत का सिलसिला शुरू हुआ, जो कि अभी तक जारी है।

सवाल: अभी तक कितने पदक जीत होंगे ?

जवाब: राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 14 पदक जीत चुकी हूं।

सवाल: अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कितने पदक जीत चुकी हैं ?

जवाब: कुल पांच पदक अभी तक जीते हैं। वर्ष 23 व 24 में जॅर्डन में दो गोल्ड जीते। इसी प्रकार इस साल वियतनाम में दोनों प्रतियोगिता में गोल्ड जीता। जबकि पांचवा गोल्ड एथेंस में जीता। इस दौरान तीन साल एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाई।

सवाल: एथेंस में किस प्रकार के मुकाबले रहे?

जवाब: विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में पांच मुकाबले में किसी भी पहलवान को एक भी अंक नहीं दिया, सभी मुकाबले एक तरफा जीते। पहले मुकाबले में अल्जीरिया की पहलवान को 11- 0 से हराया, दूसरे मुकाबले में हंगरी की पहलवान को 10-0 से चित्त किया। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मंगोलिया की पहलवान को 13- 0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार से हराया। सेमीफाइनल मुकाबले में रूस की पहलवान को 7- 0 से हराया। फाइनल में उज्बेकिस्तान की पहलवान को 3-0 से हराकर भारत की झोली गोल्ड मेडल से भर दी।

सवाल: क्या, अभी पढ़ाई कर रही हैं ?

जवाब: हां, जी संत विद्यानंद पब्लिक स्कूल से हाल ही कक्षा 12वींउतीर्ण की है।

सवाल: परिवार के बारे में बताए ?

जवाब: परिवार में हम दो बहन व एक भाई है, पिता मुकेश व मां चंचल देवी है।

सवाल: सफलता का श्रेय किस देंगे ?

जवाब: मेरे गुरु व कोच कल्याण विश्नोई के साथ ही पापा मुकेश विश्नोई ने मेरे लिए कड़ी मेहनत की है। मुझे चैंपियन बनाने के लिए वह देश के कई हिस्सों के साथ ही विदेशों में मेरे साथ रहे हैं, इस दौरान उन्हें फैक्ट्री से भी लंबी छुट्टी लेनी पड़ी। वह कई रातें जागे भी हैं। मां, भाई-बहन, दादा-दादी, परिवार के अन्य सदस्यों का भी पूरा सहयोग रहा। कुश्ती में सहयोगी रहे पहलवानों ने भी हौंसला अफजाई की।

सवाल: अगला लक्ष्य क्या ?

जवाब: मुझे गर्व है की मैं, भारत की बेटी हूं। अब यही सपना है कि आगामी एशियाड व ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करूं और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतूं। इसके लिए लक्ष्य बना कर मेहनत भी शुरू कर दी है।

सवाल: सीएम आपसे क्या बोले ?

जवाब: एथेंस से लौट कर जयपुर पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिले और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान सीएम ने ए​शियाड़ व ओलंपिक में पदक जीतने का आशीष दिया।