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आज बिरज में होरी रे रसिया…
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आज बिरज में होरी रे रसिया…

- रंग पंचमी पर नगर के भगवान जुगल किशोर मंदिर में देर शाम खेली गई फूलों और गुलाल की होली- पंचमी पर जिले में जगह-जगह निकाली गई शोभायात्राएं

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पन्ना. पांच दिनी होली पर्व के पांचवें और अंतिम दिन एकबार फिर उत्साह चरम पर रहा। नगर के भगवान जुगल किशोर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने टेसू के फूल, गुलाब की पंखुडिय़ों, गुलाल और इत्र की होली होली। भगवान जुगल किशेार मंदिर मेंं शाम ७ से होली गीत आज बिरज मे होरी रे रसिया की धुन पर शुरू हुई होली का सिलसिला रात को भगवान की व्यारी आरती के बाद भी चलता रहा। पूरा मंदिर परिसर फूलों और गुलाल के रंग में रंग गया।
मंदिर परिसर में साल में एक दिन खेली जाने वाली इस फूलों की होली का अपना अलग ही आकर्षण है। इसमें शामिल होने के लिए पूरा शहर शाम से ही मंदिर में उमड़ पड़ा। पूरे मंदिर परिसर में जहां देखो वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही थी। फूलों और गुलाल की बौछार शुरू होते ही लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। यहां होली को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजन के लिए बड़ी मात्रा में फूल और गुलाल मंगाया गया था। सखी भेष कीझांकी के दिन खेली जाने वाली होली का महिलाओं को तो रंग पंचमी की रात को खेली जाने वाली होली का पुरुषों को पूरे साल इंतजार रहता है। होली के इन दोनों महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हर आयु वर्ग के हजारों की संख्या में लोग जुड़ते हैं।