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पन्ना

मिलिंग के लिए धान बाहर भेजने पर गर्माई राजनीति, मिलर्स के समर्थन में आई कांग्रेस

कांग्रेस ने धान बाहर भेजे जाने के विरोध में सौंपा ज्ञापन

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पन्ना. पन्ना जिले में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धाम में से 2 लाख 38 हजार क्विंटल धान मिलिंग के लिए जिले से बाहर, ग्वालियर व चम्बल क्षेत्र की मिलों को भेजे जाने को लेकर राजनीति गर्माने लगी है। गुरुवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष शारदा पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रदर्शन कर स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसके पहले बुधवार को मिलर एसोसिएशन ने भी प्रशासन के इस फैसले को गलत ढहराते हुए मिल संचालक व मिलों में काम करने वाले मजदूरों पर रोजी-रोटी के संकट आने की आशंका जताई थी।


ज्ञापन में बताया गया, पन्ना जिले के अलग क्षेत्रो में में करीब 40 धान मिल संचालित हंै। जहां 5 से 6 हजार मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। बीते दिनों पन्ना जिले से उपार्जित 2 लाख 38 हजार क्विंटल धान ग्वालियर, चंबल क्षेत्र की धान मिलों में भेजा गया है। अभी हाल ही में 15 लाख किविंटल धान ओर भेजने का निर्णय लिया गया है।जिससे धान मिल संचालकों में चिंताओं के बादल मंडराने लगे। पन्ना में मिलर एसोसिएशन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए बताया था कि स्थानीय स्तर पर जब धान से मिलो में चावल निकालने के लिए करीब 40 मिले संचालित हैं, तो यहां की धान को पन्ना से 300 किमी. दूर ग्वालियर- चम्बल क्यों भेजा जा रहा है।