नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जानेमाने वकील कपिल सिब्बल ने रफाल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट में फैसले में मोदी सरकार की ओर से भूल सुधार की मांग को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि पहले तो उसने सुप्रीम को धोखे में रखा और फैसला आने के बाद भूल सुधार की बात करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट को सरकार ने लोकलेखा समिति के पास भी नहीं रखा है। सरकार को सीलबंद लिफाफे में यह कहना चाहिए था कि नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) के साथ रफाल मूल्य निर्धारण विवरण साझा किया गया है। एससी ने उसी आधार पर अपना निर्णय दिया है जो तथ्या उसके सामने पेश किए हैं। सरकार ने ऐसा कर बहुत बड़ी भूल की है।