ताबीर हुसैन @ रायपुर. 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। इस मौके पर ऐसे युवा से मिलिए जो जीव विज्ञान का छात्र है लेकिन कबाड़ के जुगाड़ के चलते किसी इंजीनियर से कम भी नहीं। अभनपुर ब्लॉक के तोरला निवासी मोक्षराज गुरुवार को एक बोरे में कई प्रोजेक्ट लेकर राजधानी पहुंचा और न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में एक-एक सामान (मॉडल) की जानकारी दी। यहां पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से इन्वायरोथॉन प्रतियोगिता हुई। उन्हें प्रतियोगिता में महाविद्यालयीन श्रेणी में पहला पुरस्कार मिला। पत्रिका से बातचीत में मोक्षराज ने बताया, मेरे पिता और चाचा प्लंबर व इलेक्ट्रिशियन हैं। उनसे ही प्रेरित होकर मैंने बेकार वस्तुओं पर प्रयोग करने लगा। मैंने जीव विज्ञान इसलिए चुना क्योंकि मैं गणित में कमजोर हूं लेकिन नवाचार और प्रयोग मेेरा जुनून है। मैं आरंग के बद्रीप्रसाद लोधी पीजी कॉलेज बॉयो फस्र्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा हूं।