पौराणिक कथाओं से सजी गणेश झांकियां रायपुर में निकलीं तो पूरा शहर झांकियों को देखने उमड़ पड़ा। जयस्तंभ चौक में बड़ा मंच देखते ही बनता था। रात 9 बजे झांकियों के पहुंचते ही पुष्पवर्षा से महापौर सहित विधायकों ने स्वागत किया। झांकियों की गणना फूलचौक के पास हुई। हर साल गणेशोत्सव के बाद भव्य स्तर पर विसर्जन झांकियां बाजे-गाजे के साथ निकलती हैं। किसी में शिव की बारात तो किसी में बंशीधर श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां मन मोह रही थी। बारी-बारी से झांकियां मालवीय रोड, सदरबाजार से होते हुए महादेवघाट के विसर्जन कुंड के पास पहुंची। इस बार नगर निगम के संस्कृति विभाग ने सजावट झांकियों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है।