रायसेन. पुलिस या सेना में जाने का सपना देख रही गल्र्स कॉलेज की एनसीसी की छात्राएं और छात्रों को उनका यह सपना टूटता नजर आ रहा है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं ने बताया कि उनकी सी सर्टिफिकेट की परीक्षा 19 फरवरी से होने वाली है, लेकिन उनको इस परीक्षा से वंचित किया जा रहा है। कॉलेज प्राचार्या पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज में एनसीसी की कोई एएनओ नहीं होने से उनको यह नुकसान उठाना पड़ रहा है। केवल परीक्षा ही नहीं एनसीसी की छात्राओं को गणतंत्र दिवस परेड सहित केंप से भी वंचित होना पड़ा है।
गुरुवार को छात्राओं ने प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी समस्या से अवगत कराते हुए परीक्षा में शामिल कराने के प्रयास करने की गुहार लगाई। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में एनसीसी की कोई एएनओ नहीं है, जिससे उनकी परेड, केंप और अब परीक्षा भी छूट रही है। 19 फरवरी से सी सर्टिफिकेट के लिए परीक्षा होना है। जब प्राचार्या से इस संबंध में बात की तो उन्होंने बटालियन जाने से साफ मना कर दिया। दूसरी ओर प्राचार्या डॉ. विनोद सेंगर का कहना है कि वे बीते दो साल से लगातार कॉलेज में एएनओ की नियुक्ति के प्रयास कर रही हैं, इसके लिए एनसीसी कमिश्रर, उच्च शिक्षा विभाग के डायरेक्टर से भी पत्राचार किया है, लेकिन एएनओ की नियुक्ति नहीं हुई है। जिससे छात्राओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस स्थिति में गल्र्स कॉलेज से एनसीसी इकाई पर खत्म होने का खतरा बढ़ गया है। मार्च माह में एनसीसी की बी सर्टिफिकेट की परीक्षा भी होगी। इन दोनो परीक्षाओं के लिए लगभग 50 छात्राएं तैयार बैठी हैं। यही हाल स्वामी विवेकानंद कॉलेज में भी है। वहां भी लगभग 50 छात्र-छात्राएं एनसीसी की परीक्षा से वंचित हो रहे हैं। यहां भी एनसीसी की प्राध्यापिका लंबे समय से अवकाश पर हैं। दोनो ही कॉलेजों में एनसीसी की इकाई बंद होने की स्थिति में पहुंच गई है।
मंत्री से भी लगाई गुहार
तीन दिसंबर को गल्र्स कॉलेज रायसेन आए उच्च शिक्षा मंत्री से भी प्राचार्या ने कॉलेज में एएनओ की नियुक्ति की मांग की थी, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। उच्च शिक्षा विभाग की यह लापरवाही नगर के दो कॉलोजों के लगभग 150 एनसीसी छात्र-छात्राओं के लिए भारी पड़ रही है।
इनका कहना है
हमने अपने स्तर पर सारे प्रयास किए हैं। विभाग के डायरेक्टर, मंत्री और एनसीसी कमिश्रर से कई बार पत्राचार के साथ बात भी की है, लेकिन एएनओ की नियुक्ति नहीं हुई। कॉलेज में इस पद के अनुकूल कोई और प्राध्यापिका नहीं है। हालांकि छात्राओं के परीक्षा फार्म कमिश्रर को भेजकर उनसे छात्राओं को परीक्षा में शामिल कराने आवेदन किया है।
डॉ. विनोद सेंगर, प्राचार्या गल्र्स कॉलेज।