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5 हजार शिवारार्थी हाथों में सफेद ध्वज लेकर निकले, शांति का दिया संदेश
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5 हजार शिवारार्थी हाथों में सफेद ध्वज लेकर निकले, शांति का दिया संदेश

भाग्योदय तीर्थ से बुधवार को 5 हजार से ज्यादा श्रावकों की शोभायात्रा निकाली गई। हाथों में सफेद ध्वज लेकर शिवरार्थी शोभायात्रा में शामिल हुए। सभी शिवारार्थियों ने सफेद ध्वज लेकर शांति का संदेश दिया। शोभायात्रा 2 किमी से अधिक लंबी थी।

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Reshu Jain

Sep 18, 2024

भाग्योदय से निकली शोभायात्रा, 10 दिन उपवास करने वाले श्रावकों की हुई पारणा

सागर. भाग्योदय तीर्थ से बुधवार को 5 हजार से ज्यादा श्रावकों की शोभायात्रा निकाली गई। हाथों में सफेद ध्वज लेकर शिवरार्थी शोभायात्रा में शामिल हुए। सभी शिवारार्थियों ने सफेद ध्वज लेकर शांति का संदेश दिया। शोभायात्रा 2 किमी से अधिक लंबी थी। पयुर्षण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य व्रत मनाया गया। धर्मसभा में मुनि सुधा सागर महाराज ने कहा कि दुनिया में जो वस्तु होती है वह कोई न कोई उपकार के लिए होती है चाहे वह कांटा ही क्यों न हो। कांटा भी किसी न किसी का उपकार तो करता ही है। महान आत्माएं हर वस्तु में वह उपकारी गुण देख लेती हैं। तत्व दृष्टि क्या है ? वस्तु के दोनों गुणों को जानना, ऐसी दुनिया में कोई वस्तु नहीं है जो कहीं ना कहीं से हानिकारक न हो। किसी न किसी के लिए हानिकारक है। प्रत्येक वस्तु एक सकारात्मक और एक नकारात्मक शक्ति लिए विद्यमान रहती है। हर वस्तु में एक निमित्त शक्ति है, वह निमित्त शक्ति दो रूप में कार्यकारी होती है, कभी शुभ रूप में और कभी अशुभ रूप में।

मुनि ने कहा कि जितने बड़ी आदमी होते जाते है, उतने ही वह निष्क्रिय होते जाते हैं। छोटा व्यक्ति जितना काम का है, उतना बड़ा आदमी नहीं। हम करवाएंगे भी नहीं, यदि हम करवाते हैं तो हमें नुकसान है। बड़े आदमी किसी का कोई काम करते नहीं, करना चाहे भी तो हमें करवाना नहीं, जैसे ही हमने उनसे कोई काम करवाया अपने स्वयं की शक्ति भस्म हो जाती है। सदा बड़ों के कार्य करने को तत्पर रहना।