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vedio मंच पर बताई मनुष्य और रोबोट के बीच प्रतिस्पर्धा, साइबर अपराध से सुरक्षा का दिया संदेश

डॉ. सर हरिसिंह गौर के 155 वीं जयंती के अवसर पर भारतीय विश्वविद्यालय संघ नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मध्य क्षेत्र अंतरविश्वविद्यालयीन युवा उत्सव के दूसरे दिन बुधवार को अभिनय, वाद-विवाद, वादन और चित्रकारी प्रतियोगिता में 955 प्रतिभागियों ने प्रतिभा दिखाई।

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सागर

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Reshu Jain

Nov 28, 2024

38 वें मध्य क्षेत्र अंतरविश्वविद्यालयीन युवा उत्सव दूसरे दिन अभिनय, वाद-विवाद, वादन और चित्रकारी में प्रतिभागियों ने दिखाई अपनी प्रतिभाएं

सागर. डॉ. सर हरिसिंह गौर के 155 वीं जयंती के अवसर पर भारतीय विश्वविद्यालय संघ नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मध्य क्षेत्र अंतरविश्वविद्यालयीन युवा उत्सव के दूसरे दिन बुधवार को अभिनय, वाद-विवाद, वादन और चित्रकारी प्रतियोगिता में 955 प्रतिभागियों ने प्रतिभा दिखाई। विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में प्रतिभागी विश्वविद्यालयों ने वन एक्ट प्ले की प्रस्तुति दी। आजादी के संघर्ष, सामाजिक कुरीतियों और बढ़ते आधुनिकीकरण में रोबोट और मनुष्य के बीच की प्रतिस्पर्धा के मुद्दे पर प्रतिभागियों ने दी प्रभावी नाट्य प्रस्तुतियां दी। सभागार में पहले दिन कुल दस प्रस्तुतियां हुईं। वरिष्ठ रंगकर्मी रविंद्र दुबे कक्का व राजेन्द्र दुबे अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता में एकेएस विश्वविद्यालय सतना के प्रतिभागियों ने संस्कृत नाटक ऊरूभंगम के हिंदी रूपांतरण का मंचन किया जो सुप्रसिद्ध महाकाव्य महाभारत पर आधारित है। देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर ने आधुनिक युग रोबोटिक्स पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी। यह प्रस्तुति मनुष्य और रोबोट के बीच प्रतिस्पर्धा और मानवीय मूल्यों व रोजगार की समस्या के साथ इंसान के धर्म को बतलाती है। बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल ने बेटियों पर आधारित नाटक का मंचन करते हुए समाज में व्याप्त नकारात्मक सोच को दर्शाया। बालिका अत्याचार, बेटियों की आजादी और सम्मान पर केंद्रित इस नाटक ने दर्शकों को आकर्षित किया।राजा मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय, ग्वालियर के प्रतिभागियों ने 1842 के बुंदेला विद्रोह और राजा मधुकरशाह बुंदेला की वीरता को बुंदेली भाषा में प्रस्तुत किया। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के प्रतिभागियों ने साइबर अपराध की घटनाओं और साइबर सुरक्षा जागरूकता को केंद्र में रखकर प्रस्तुति दी। जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से कर्ज के बदले महिलाओं के शोषण और उससे उत्पन्न सामाजिक समस्याओं को दर्शाया।

शास्त्रीय वादन ने बांधा समां

युवा उत्सव के दूसरे दिन क्लासिकल इंस्ट्रुमेंट सोलो (नॉन-पर्कशन) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी कला और प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं शास्त्रीय ताल वाद्य प्रतियोगिता में 23 विश्वविद्यालयों के छात्रों ने प्रतिभागिता की जिसमें उन्होंने निर्धारित समय में ताल वाद्य की प्रस्तुति दी। प्रतिभागियों ने हिन्दुस्तानी और कर्नाटक संगीत की धुनों में शास्त्रीय ताल वाद्य की प्रस्तुति दी, जिससे पूरे गौर प्रांगण में एक अद्भुत संगीतात्मक माहौल बन गया। शास्त्रीय ताल वाद्य प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रतिष्ठित संगीतज्ञ डॉ. आरके राठौर (जयपुर घराना), डॉ. आलोक शुक्ला (खैरागढ़ विश्वविद्यालय) और प्रसिद्ध गायक सोमवीर कथुरवाल शामिल थे।

प्रतिभागियों ने की अद्भुत चित्रकारी

विश्वविद्यालय के आचार्य शंकर भवन में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के समन्वयक डॉ. बलवंत सिंह भदौरिया व आकाश मालवीय थे। इसके साथ ही विकसित भारत एवं भारत की विरासत थीम पर प्रतिभागियों ने पोस्टर बनाए। प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाते हुए कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके साथ ही क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता में मां-बच्चे और श्रम थीम पर प्रतिभागियों ने मिट्टी की आकर्षक कलाकृतियां बनाईं। प्रतियोगिता के समन्वयक डॉ. बलवंत भदौरिया और आकाश मालवीय थे।