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सीमांकन के लिए सिवनी तहसील में पटवारियों के अलग-अलग नियम

कहीं रशीद कटाने पर नहीं पहुंचते, कहीं बिना रशीद के खड़ी हो जाती है टीम  

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अखिलेश ठाकुर सिवनी. यदि आपको सीमांकन कराना है तो यह खबर अपके लिए महत्वपूर्ण है। सिवनी तहसील क्षेत्र में सीमांकन के अलग-अलग नियम है। इस पर गौर करें तो एक ओर सीमांकन के लिए रशीद कटाकर पटवारी की राह देखनी पड़ती है। दूसरी ओर बिना रशीद कटाए पटवारियों की टीम जब चाहे खेत पर खड़ी हो जाती है।

‘पत्रिकाÓ पड़ताल में ऐसे दो केस सामने आए हैं। इसके बाद यह बात कही जा रही है। एक केस में तीन साल से तीन बार रशीद कटाकर सीमांकन की राह किसान देख रहा है। अब तक खेत पर पटवारी नहीं पहुंच पाया। दूसरे केस में पटवारी की टीम बिना रशीद कटाए सीमांकन के लिए एक किसान के खेत में खड़ी हो गई।

केस – एक
तीन साल में तीन रशीद कटाया, नहीं हुआ सीमांकन
सिवनी तहसील क्षेत्र के ग्राम बम्हनवाड़ा निवासी किसान सहदू खान तीन साल से नायब तहसीलदार कार्यालय का सीमांकन के लिए चक्कर लगा रहा है। उसने लोक सेवा केन्द्र में 140 रुपए चुकाकर तीन बार सीमांकन के लिए रशीद कटाया। लेकिन उसका सीमांकन अब तक नहीं हुआ है। वह बुधवार को नायब तहसीलदार पूजा राय के कार्यालय पहुंचा।

किसान को वहां पर्ची पर लिखे पटवारियों के नंबर पर कॉल लगाने के लिए कहा गया, जब उसने संबंधित पटवारी के नंबर पर कॉल किया तो वह स्वीच ऑफ आ रहा था। किसान ने ‘पत्रिकाÓ को बताया कि जब भी आता हूं नायब तहसीलदार कहती है कि पटवारी को बोल दी हूं। सीमांकन हो जाएगा, लेकिन तीन साल बाद भी सीमांकन नहीं हो पाया है।

नायब तहसीलदार पूजा राय ने बताया कि पटवारी को सीमांकन के लिए बोल दिया गया है। पटवारी सीमांकन करने कब पहुंचेंगे? पूछने पर वह कोई जवाब नहीं दे पाईं।

केस – दो
कुदवारी में बिना रशीद कटाएं सीमांकन करने पहुंची टीम
सिवनी तहसील क्षेत्र के ग्राम कुदवारी में बीते दिवस एक खेत का सीमांकन करने दो कोटवार, एक पटवारी सहित १० लोगों की टीम पहुंची। अचानक टीम को देखकर आसपास के दूसरे किसान भौचक्के रह गए।

पूछताछ में पता चला कि टीम सीमांकन करने आई है। मौके पर पहुंचे दूसरे खेत के किसानों ने जब पटवारी से सीमांकन आदेश के संबंध में पूछताछ की तो वह बगले झांकने लगा। टीम ने सीमांकन करने की कोशिश की तो दूसरे किसानों ने विरोध शुरू कर दिया।

उनका कहना था कि आदेश के बाद ही सीमांकन होगा। घंटो प्रयास के बाद भी बिना आदेश के पहुंची टीम सीमांकन नहीं कर पाईं और बैरंग लौट गई। कुदवारी के एक किसान ने ‘पत्रिकाÓ को बताया कि संबंधित पटवारी एक सेठ से प्रभावित होकर बिना आदेश के सीमांकन करने आई थी।

इसकी शिकायत कलेक्टर व तहसीलदार से की जाएगी। बताया कि आए दिन इस तरह से पटवारी किसी के खेत में सीमांकन करने के लिए खड़े हो जाते हैं।

वर्जन –
बम्हनवाड़ा के किसान का तीन साल से सीमांकन क्यों नहीं हो पाया है? इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। कुदवारी में बिना आदेश कौन पटवारी सीमांकन करने गया था। इसकी जांच कराई जाएगी।
– मीना दशरिये, प्रभारी तहसीलदार सिवनी