सीधी। मायके में रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के बाद पति के साथ बाइक में सवार होकर ससुराल लौट रही महिला की रास्ते में किसी बात को लेकर नोक-झोंक हुई तो सोन नदी के पुल पर चलती बाइक से ही उसने उफनाई नदी में छलांग लगा दी। पत्नी के नदी में छलांग लगाने के बाद पति ने आनन-फानन में बाइक खड़ी की और पत्नी को बचाने वह स्वयं भी नदी में कूद गया। राहगीरों द्वारा घटना की सूचना बहरी एवं अमिलिया पुलिस को दी गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची दोनो थानों की पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पति को तो सुरक्षित नदी के बाहर निकाल लिया, लेकिन पत्नी का 48 घंटे बाद भी पता नहीं चला है। उसकी तलाश में पुलिस एवं एसडीआरएफ टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घ्रटना मंगलवार की शाम करीब 6.30 बजे की है।
बताया गया कि बहरी थाना अंतर्गत देवरी निवासी पुष्पा पति मदन कोल (24) रक्षाबंधन का त्योहार मनाने अपने मायके सिहावल गई थी। मंगलवार को पति उसे वापस लेने गया। शाम को वह बाइक से पत्नी पुष्पा को लेकर वापस लौट रहा था। रास्ते में दोनो के बीच किसी बात को लेकर कहा सुनी होने लगी। इस दौरान बहरी-अमिलिया मार्ग में सोन नदी के जोगदह पुल पर पत्नी पुष्पा चलती बाइक से कूद का सोन नदी में छलांग लगा दी।
रात 9 बजे तक चली तलाश, सुबह से फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन-
घटना के बाद पुल से गुजर रहे राहगीरों द्वारा घटना की सूचना देने पर बहरी व अमिलिया पुलिस मौके पर पहुंची और नदी में छलांग लगाने वाले पति-पत्नी की तलाश शुरू की। कुछ देर में पति को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन पत्नी का कहीं पता नहीं चला। इधर लगातार बारिश के कारण सोन नदी का जल स्तर भी काफी ज्यादा था, जिससे रात करीब 9 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया। बुधवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम को बुलवाया गया। टीम ने भी सुबह करीब 9 बजे से शाम तक पुष्पा की तलाश करती रही, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
परिजनों व ग्रामीणों ने किया चक्काजाम-
लगातार तलाश के बाद भी जब पुष्पा का कहीं पता नहीं चला तो बुधवार को अपरान्ह करीब 4 बजे ग्रामीणों व परिजनों ने मिलकर सोन नदी के पुल पर चक्काजाम शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चक्काजाम चलने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर मौजूद पुलिस व राजस्व अधिकारियों ने परिजनों व ग्रामीणों को समझाइस दी तो वह किसी तरह माने और चक्काजाम समाप्त किया।
मगर व घडिय़ालों का दह-
सोन नदी का जोगदह घाट मगर व घडिय़ालों का प्रमुख दह है। यह सोन घडिय़ाल अभयारण्य क्षेत्र का प्रमुख प्रजनन केंद्र भी है। जिससे यहां बहुतायत में मगर व घडिय़ालों का रहवास क्षेत्र है। ऐसे में यह भी शंका जाहिर की जा रही है कि पानी के तेज बहाव में बहकर दह में पहुंची महिला को कहीं मगर व घडिय़ालों ने अपना शिकार न बना लिया हो।
बहरहाल समाचार लिखे जाने तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था।