14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीधी

जिला अस्पताल में तीन शव वाहन, दो खराब

अपनों की मृत्यु पर शव वाहन के लिए लोगों को होना पड़ रहा परेशान, मासूम बच्चे की मौत पर शव वाहन के इंतजार में बैठे रहे परिजन

Google source verification

सीधी। रामपुर नैकिन जनपद अंतर्गत हनुमानगढ़ निवासी अमरनाथ साकेत के पांच वर्षीय बेटे राजकरण की शुक्रवार की सुबह 11 बजे जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह बीते दिनों से बीमार चल रहा था। मौत के बाद परिजनों ने मासूम बच्चों के शव को गृह ग्राम तक ले जाने के लिए सिविल सर्जन को आवेदन लिखा। आवेदन में सिविल सर्जन ने शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए मार्क कर दिया, इसके बाद भी अमरनाथ को शव वाहन उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। शव के समक्ष राजकरण के माता, पिता सहित अन्य परिजन विलख रहे थे, कुछ परिजन शव वाहन के लिए यहां-वहां दौड़ लगा रहे थे। अस्पताल परिसर में दो शव वाहन खड़े तो थे, लेकिन कर्मचारियों ने बताया, दोनो खराब हैं। एक ही शव वाहन चालू हालत में है, जो शव लेकर गया है, जब वह वापस लौटेगा तभी उपलब्ध हो पाएगा। शव वाहन के इंतजार में दोपहर के दो बज गए लेकिन वाहन नहीं लौटा।

अस्पताल परिसर में बेटे का शव लेकर विलख रहे परिजनों से जब पत्रिका द्वारा बात की गई तो बताया, तीन घंटे से शव वाहन का इंतजार कर रहे हैं। कहा जा रहा है एक ही शव वाहन है जो कहीं शव लेकर गया है, जब आएगा तभी उपलब्ध हो पाएगा। दो खड़े तो हैं, लेकिन खराब बताये जा रहे हैं। पत्रिका द्वारा नगर पालिका सीधी के अधिकारियों से बात की गई, जहां से उन्हें तत्काल शव वाहन उपलब्ध कराया गया। तब परिजन दोपहर करीब 2.30 बजे बेटे का शव लेकर रवाना हो पाए।

कभी चालक की कमी तो कभी वाहन खराब-
जिला अस्पताल में तीन की संख्या में शव वाहन उपलब्ध हैं, लेकिन आवश्यकता पडऩे पर कभी चालक की कमी तो कभी वाहन खराबी के कारण लोगों को शव वाहन के लिए परेशान होना पड़ता है। जिला अस्पताल प्रबंधन के अनुसार वर्तमान समय में केवल एक ही शव वाहन चालू हालत में है, दो खराब पड़े हैं। वहीं चालकों की भी कमी बताई जा रही है। सिविल सर्जन डॉ.एसबी खरे ने बताया, शव वाहन के लिए दो ही चालक हैं, जिसमें से एक दिन में तो एक रात में ड्यूटी करता है। शव वाहन बन भी गया तो चालक की कमी के कारण उपलब्ध नहीं हो पायेगा। क्योंकि यदि रात की ड्यूटी वाले चालक को दिन में बुला लिया जाएगा तो वह रात में नहीं आएगा, ऐसे में रात्रि में जरूरत पड़ी तो दिक्कत हो जाएगी।

जिला अस्पताल में तीन शव वाहन हैं, लेकिन चालू हालत में एक ही है। एक अन्य वाहन में थोड़ी बहुत खराबी है, जिसका एक-दो दिन में सुधार करा लिया जाएगा। जबकि एक वाहन सुधार योग्य नहीं है। चालक की भी कमी है, मात्र दो चालक हैं, जिसमें एक से दिन की पाली में तो एक से रात की पाली में ड्यूटी कराई जाती है।
डॉ.एसबी खरे, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सीधी