सीकर के फतेहपुर कस्बे के रघुनाथपुरा(Raghunathpura Funeral) इलाके में शुक्रवार सुबह का मंजर ऐसा था, जिसने पत्थरदिल को भी रुला दिया। अलसुबह जब एक के बाद एक चार (4 Dead Bodies)अर्थियां घर से निकलीं, तो पूरा इलाका गम में डूब गया। मातम भरे माहौल में एक ही घर से सास और तीन बहुओं की अर्थियां(Harsawa Accident) एक साथ उठीं। घर ही नहीं, पूरी कॉलोनी में चूल्हे नहीं जले। हर आंख नम थी और हर जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल—आखिर एक ही परिवार पर यह कहर क्यों टूटा?