
शहीद अग्निवीर करणसिंह राठौड़ (Agniveer Karan Singh Rathore)की पार्थिव देह सीकर पहुंचते ही मां और बहन रो-रोकर बेसुध हो गईं। तिरंगे में लिपटे लाल(Shaheed Karan Singh) को देख मां का कलेजा फट गया, एक पल में पूरा संसार उजड़ गया। राजस्थान की वीर प्रसूता भूमि(Rajasthan Martyr) ने एक बार फिर देश की रक्षा के लिए अपना लाल न्योछावर (Shaheed Agniveer) कर दिया। हर आंख नम थी, लेकिन हर सीना गर्व से चौड़ा। तिरंगे में लिपटा वह भाई, जिसे देख बहन खुद(Sikar Shaheed) को संभाल न सकी और फूट-फूटकर रो पड़ी—वह दृश्य हर दिल को झकझोर गया।