
सिंगरौली. ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा दिलाने का खेल अब भी जारी है। रेलवे अधिकारी की ओर से कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद प्रतिबंध के बाद में बने गैर आवासीय निर्माण को अवैध घोषित नहीं किया गया। निर्माण का मकान के रूप में मुआवजा दिलाने जाने की तैयारी कर ली गई है। फिलहाल रेलवे की ओर से एक बार फिर पत्र जारी करने पर अनुविभागीय एवं भू-अर्जन अधिकारी ने जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है।
पश्चिम मध्य रेलवे के उप मुख्य अभियंता (निर्माण) राजेश कुमार खरे ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है कि उनकी ओर से इससे पहले 8 बार पत्र लिखकर अनुरोध गया है। लेकिन रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहण के बावत चिह्नित भूमि में मुआवजा प्राप्त करने की लालच में लगातार हो रहे अवैध निर्माण को रोका नहीं गया। मकान के रूप में अवैध निर्माण केवल मुआवजा के लिए किया गया है।
ज्यादातर निर्माण गैर आवासीय हैं। पक्के, टीन शेड, झोपड़ीनुमा मकान में आवास जैसी कोई आवासीय सुविधा नहीं है। निर्माण में बिजली, पानी, आंगन, खिडक़ी, दरवाजा, गेट, प्लास्टर, बिम, फर्श व छत जैसी सुविधाएं व व्यवस्थाएं नहीं हैं। उप मुख्य अभियंता का कहना है कि कई बार पत्र लिखे जाने के बाद भी पूर्व में न तो निर्माण को रोका गया और न ही अवैध घोषित किया गया।
पटवारियों ने अब राजस्व दस्तावेज में निर्माण को मकान के रूप में दर्ज कर लिया है। ग्राम झोंखो में 311 मकान, खम्हरिया कला में 281 व कर्थुआ में 81 मकान दर्ज किया गया है। दर्ज मकानों में कहीं भी गैर आवासीय भी नहीं लिखा गया है। कलेक्टर को लिख पत्र से स्पष्ट हो रहा है कि राजस्व अमला अवैध निर्माण को मुआवजा दिलाने की कोशिश में लगा है।
रेलवे अभियंता ने ये तर्क भी दिए
– मुआवजा के लिए निर्माण करने वाले ज्यादातर लोग बाहरी हैं और वे जिले में कहीं नहीं रहते हैं। इसलिए इन्हें मुआवजा नहीं दिलाया जाए। रेलवे की अनैतिक आर्थिक क्षति बचाई जाए।
– ग्राम खोभा व छीवा में रोक के बावजूद बने अवैध मकान को पारित किए गए अवार्ड में शामिल नहीं किया गया है। इसलिए इन गांवों में भी अवैध निर्माण अवार्ड में शामिल नहीं किए जाएं।
– ग्राम कुर्सा में भी इसी तरह के मकान बनाए गए हैं। तहसीलदार द्वारा कराई गई जांच में 99 फीसदी मकान गैर आवासीय पाए गए हैं। उन्हें गैर आवासीय दर्ज कर जानकारी दी गई है।
– ग्राम कर्थुआ में अर्जित किए जाने वाला रकबा केवल 0.76 हेक्टेयर है, लेकिन दर्ज मकानों की संख्या 81 बताई गई है। इतने कम रकबा में इतनी बड़ी संख्या में मकान सोचनीय है।
छह सदस्यीय समिति गठित
रेलवे के उप मुख्य अभियंता के पत्र को कलेक्टर ने संज्ञान में लेते हुए चितरंगी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं भू-अर्जन अधिकारी को जांच कराने का निर्देश दिया है। भू-अर्जन अधिकारी ने जांच के लिए तहसीलदार ऋषि नारायण सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय दल का गठन किया है। दल को तीन दिवस के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
वर्जन –
ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के लिए चिह्नित भूमि में हुए निर्माण की जांच कराई जा रही है। जांच में स्थिति स्पष्ट हो जाएंगी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रशेखर शुक्ला, कलेक्टर सिंगरौली।