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Shahaadat Ko Salaam गोली लगने के बाद भी लड़ते रहे शहीद भंवरसिंह राठौड़, 3 आतंकी किए ढेर

Shahaadat Ko Salaam गोली लगने के बाद भी लड़ते रहे शहीद भंवरसिंह राठौड़, 3 आतंकी किए ढेर

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Shahaadat Ko Salaam 21 जुलाई 2008 को आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के पुंछ में 9813 फीट की ऊंचाई पर सेना की चौकी पर हमला कर दिया था। उस समय चौकी के पोस्ट कमाण्डर भंवरसिंह राठौड ने बहादुरी से कई घंटों तक आतंकवादियों का मुकाबला कर तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया। अपने शरीर पर गोलियां लगने पर भी वे बहादुरी से दुश्मनों का सामना करते रहे। इस दौरान उन्होंने अपने अन्य साथियों को सुरक्षित बचाकर निकाला। लेकिन इसी बीच सिर में गोली लगने पर वे गंभीर घायल हो गए। 22 जुलाई 2008 को भंवरसिंह राठौड शहीद हो गए। आपको बता दें शहीद भंवरसिंह राठौड का जन्म 16 नवम्बर 1967 को सिरोही जिले के शिवगंज तहसील के छीबागांव गांव में धनसिंह राठौड़ के घर हुआ था। राज्य सरकार ने शहीद के सम्मान में तहसील मुख्यालय शिवगंज के क्रान्ति चौराहे के पास शहीद की मूर्ति स्थापित की। उनके पैतृक गांव छीबागांव के विद्यालय का नामकरण शहीद भंवरसिंह राठौड राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम से किया। राष्ट्रीय राजमार्ग पिण्डवाड़ा-ब्यावर फोरलेन हाईवे 62 से शहीद के आवास तक सम्पर्क डामरीकृत सड़क बनवाकर उसका नामकरण भी शहीद भंवरसिंह मार्ग किया। राजस्थान पत्रिका ने भी गुरुवार को शहादत को सलाम कार्यक्रम के तहत शहीद भंवरसिंह राठौड छीबागांव के परिवार का ​सम्मान किया।