
चौमूं.
शहर के जयपुर रोड पर एक निजी अस्पताल में सुबह एक बघेरा घुस गया और अस्पताल के स्टोर कमरे से कूदकर पीछे भूखंड में झाडियों के बीच छिप गया। सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने हिम्मत दिखाते हुए हाथों में लाठी और बंदूक लेकर जाब्ते के साथ अस्पताल के पीछे भूखंड में रेस्क्यू किया। इसके बाद वन विभाग के रेंजर अजय कुमार बडगुर्जर भी अपनी टीम के साथ पहुंचे और रेस्क्यू किया, लेकिन बघेरा नहीं मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी अशोक चौहान भी पहुंचे और जानकारी ली।
अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में बघेरे का साफ मूवमेंट कैद हुआ है। सीसीटीवी कैमरे में वह अस्पताल के भीतर परिसर तक पहुंचा और पीछे श्वान थे। तभी वह अस्पताल के भीतर बायीं ओर की तरफ बने स्टोक कमरे में घुसा और खिडक़ी से कूदकर पीछे खाली भूखंड में चला गया। दिनभर वन विभाग और पुलिस की टीम रेस्क्यू में जुटी रही, लेकिन कोई आहट नहीं दिखी।
अचानक सामने ही आ गया
प्रत्यदर्शी बागावास 52 वर्षीय रामचन्द्र यादव ने बताया कि अस्पताल में उसका बेटा भर्ती है। वह अस्पताल के बाहर थाड़ी पर चाय पीकर अंदर आया तो सामने बघेरा खड़ा मिला। अचानक सामने आने से वह एक बारगी तो घबरा गया। खुद को संभालते हुए उसने अस्पताल प्रशासन को घटना की जानकारी दी। यहां एक कार भी खड़ी थी।
गनीमत रही कि अस्पताल के वार्डों में नहीं घुसा…
सीसीटीवी कैमरे में नजर आ रहा है कि बघेरे के पीछे श्वान भी दौड़ रहे है। वह सीधे अस्पताल के वार्डों में नहीं जाकर बायीं तरफ बने स्टोर के कमरे की तरफ मूवमेंट कर गया। यदि अस्पताल के सीधे वार्डों में चला जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी। वार्डों में तकरीब 50 से अधिक मरीज भर्ती थे।