11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

खास खबर

जाने वजह, आखिर यहां क्यों जन्म रहे अंधे-अपाहिज बछड़े

मोबाइल टावर के रेडिएशन से मानव जीवन पर दुष्प्रभाव की चर्चाएं जोरों पर हैं। इसी बीच सादुलपुर शहर के मोहल्ला रामबास में सैकड़ों वर्ष पुरानी जुबिली पिंजरापोल गोशाला के पास लगे मोबाइल टावर का रेडिएशन गर्भवती गायों के लिए खतरे का सबब बन गया है। इसके प्रभाव के कारण गोशाला में अंधे व अपाहिज बछड़े जन्म ले रहे हैं।

Google source verification

चूरू

image

Abhishek Sharma

Oct 28, 2018

सादुलपुर . मोबाइल टावर के रेडिएशन से मानव जीवन पर दुष्प्रभाव की चर्चाएं जोरों पर हैं। इसी बीच सादुलपुर शहर के मोहल्ला रामबास में सैकड़ों वर्ष पुरानी जुबिली पिंजरापोल गोशाला के पास लगे मोबाइल टावर का रेडिएशन गर्भवती गायों के लिए खतरे का सबब बन गया है। इसके प्रभाव के कारण गोशाला में अंधे व अपाहिज बछड़े जन्म ले रहे हैं। गोशाला के पदाधिकारियों की मानें तो रेडिएशन के दुष्प्रभाव से गत तीन साल में 100 से अधिक बछड़े अंधे हुए हैं और अकाल मौत का ग्रास बन चुके हैं। गोशाला से जुड़े लोगों ने बताया कि मोबाइल टावर के रेडिएशन का प्रभाव दूध देने वाली गायों पर भी पड़ रहा है। लेकिन इस पर किसी की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पशु चिकित्सकों से गाय एवं बछड़ों का उपचार भी कराया, लेकिन कोई भी सफलता नहीं मिली।

दूसरी जगह भेजा तो जन्मे स्वस्थ बछड़े
गोशाला पदाधिकारियों ने बताया कि लगातार गोशाला में अंधे बछड़े व अपाहिज बछड़ों के जन्म लेने की चिंता सताने लगी थी। इस निजात पाने के लिए गर्भवती गायों को बीड़ में स्थित गोपाल वन में भिजवा दिया गया। यहां गायों ने सभी बछड़े स्वस्थ जन्मे। इससे पुष्टि हो गई कि गोशाला में रेडिएशन का दुष्प्रभाव है। जिसका असर जन्म लेने वाले बच्चों पर भी पड़ रहा है।

पशु चिकित्सकों ने रेडिएशन की वजह नकारी
वर्तमान में गोशाला में 1434 गाय हैं। इनमें करीब 30-35 गाय दूध देने वाली है। रेडिएशन के दुष्प्रभाव से अंधे व अपाहिज बछड़े जन्म ले रहे हैं। रेडिएशन गोशाला के चिंता का विषय बन गया है। गौशाला के लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, पशु चिकित्सक सादुलपुर का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई रिसर्च नहीं हुआ है। जांच के बाद ही वास्तविकता का खुलासा हो सकता हैै।