मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन–माता-पिता का मान-सम्मान करना हमारा कर्तव्य
-कार्यक्रम में बच्चों ने माता-पिता और गुरूजनों का पूजन कर लिया आशीर्वाद
-साध्वी सुशीला दीदी ने बच्चों को पढ़ाया नैतिक शिक्षा का पाठ
श्रीगंगानगर.वैदिक मंत्रोच्चारण से माता-पिता को ऊंचे आसन पर विराजमान कर तिलक,चावल,अक्षत व पुष्प अर्पित व उनकी परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त मातृ-पितृ पूजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नन्हे मुन्ने बच्चे और स्नेह पूर्वक बच्चों को अपने गले लगाते हुए माता-पिता व गुरुजन शामिल हुए। श्रीयोग वेदांत सेवा समिति व श्री कृष्ण गौशाला गांव एक जैड की ओर से नई धानमंडी प्रांगण के ब्लॉक प्रथम श्रीगंगानगर में मातृ-पितृ पूजन दिवस कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि नगर परिषद सभापति करूणा चांडक,विशिष्ट अतिथि नगर विकास न्यास के पूर्व चेयरमैन संजय महिपाल,दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मवीर डुडेजा,किरण अटवाल व भाजपा नेत्री अंजू सैनी सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
——–
माता-पिता की महिमा का संकल्प दिलवाया
समिति उपाध्यक्ष संजय पेड़ीवाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई। इस मौके पर साध्वी सुशीला दीदी ने बच्चों को माता-पिता की महिमा बताकर संकल्प दिलाया कि भूलकर भी कभी अपने माता-पिता का तिरस्कार नहीं करना चाहिए। वे हमारे लिए परम आदरणीय है। उनका मान-सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। माता-पिता ने हमारे लिए पालन-पोषण मे कितने कष्ट सहे है। कितनी रातें मां ने हमारे लिए गीले मेें सोकर गुजारी है और भी जन्म से लेकर अब तक कितने कष्ट सहन किए है। वक्ताओं ने कहा कि कहा कि जीवन में कोई भी कार्य किए बिना उत्साह के संभव नहीं है। इसलिए हमें कोई भी कार्य करने के लिए उत्साहित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम जीवन का सारा पुरुषार्थ बच्चों के भविष्य निर्माण में लगा देते हैं और आप यह 2 घंटे बच्चों के नैतिक निर्माण में लगाएं,ताकि वृद्ध आश्रम रूपी कैंसर जो समाज में धीरे-धीरे पनप रहा है।
——
आरती व प्रसाद वितरण किया
कार्यक्रम में शामिल विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के बच्चों ने लघु नाटिका के माध्यम से माता-पिता की सेवा व आदर करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों व अभिभावकों को विधिवत सनातन संस्कृति के अनुसार जन्मदिन मनाने का तरीका भी बताया गया। अंत में कार्यक्रम में उपस्थित श्रृद्धालुओं ने संत आशाराम बापू की आरती के बाद प्रसाद वितरित किय गया।