27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

खास खबर
रात होने, बिजली जाने का झंझट नहीं, जब चाहे तब कर सकेंगे सिंचाई
Play video

रात होने, बिजली जाने का झंझट नहीं, जब चाहे तब कर सकेंगे सिंचाई

फसलों की सिंचाई के दौरान अचानक बिजली चले जाने और रात के समय सिंचाई के संकट से परेशान काश्तकारों के लिए खुशखबर है। सोलर पम्प लगाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। इस योजना के तहत उन्हें अनुदान भी मिलेगा।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Abhishek Sharma

•

Updated: 24 Oct 2018, 7:52 PM IST

नागौर . फसलों की सिंचाई के दौरान अचानक बिजली चले जाने और रात के समय सिंचाई के संकट से परेशान काश्तकारों के लिए खुशखबर है। सोलर पम्प लगाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। इस योजना के तहत उन्हें अनुदान भी मिलेगा।

सिंचाई के दौरान अक्सर बिजली चले जाने या फिर इसकी आपूर्ति देर से होने पर काश्तकारों को पूरी रात जागना पड़ता है। इसमें अक्सर उसे निराशा का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से ना केवल खेत के उपज उत्पादन प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि काश्तकार खुद ही अव्यवस्थित हो जाता है। इस समस्या का समाधान वह सोलर पम्प लगाकर कर सकता है।

सोलर पंप पर मिलेगा अनुदान
सोलर पम्प लगाने के लिए किसान को कृषि विभाग की ओर से 60 से 75 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलेगा। अब तक योजना के तहत जिले भर में कई किसान सोलर पंप लग भी चुके हैं। सोलर पम्प लगाकर इस समस्या से छुटकारा पाने वाले काश्तकारों की संख्या अब तक सौ से ज्यादा हो चुकी है किसानों को सोलर पम्पों से लैस कराकर बिजली के प्रति निर्भरता को खत्म करने का जिम्मा कृषि विभाग के उद्यानिकी शाखा को सौंपा गया है। योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य 62 में से 52 सोलर पंपों की स्वीकृति मिलने के साथ उनको लगाया भी जा चुका है।

पांच साल तक गारंटी लाभ भी
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तीन एचपी या पांच एचपी का किसान आवश्यकतानुसार सोलर पम्प लगाने के बाद न केवल बिजली बिल की समस्या से मुक्त होने लगे हैं, बल्कि यथासमय सिंचाई के दौरान विद्युत अनापूर्ति का संकट भी अब इसे लगाने वालों पर नहीं रहा। किसी भी प्रकार की इसमें खराबी आने की स्थिति में पांच साल की गारंटी-वारंटी अवधि का लाभ भी मिलता है।

किसान के पास जमीन होना जरुरी
पांच या तीन एचपी का सोलर पम्प लगाने के लिए कृषक के पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर जमीन होने के साथ ही सिंचाई के लिए डिप या मिनी स्प्रिकलर से सिंचाई की सुविधा होनी चाहिए। हाई तकनीक पाली हाउस या शेडनेट हाउस होने की स्थिति में ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए कृषि विभाग से संपर्क करने के साथ ही ई-मित्र से आनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। किसानों की ओर से कृषि कनेक्शन समर्पित करने की स्थिति में उन्हें लागत का कुल 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा, जबकि अन्य को केवल 60 प्रतिशत ही अनुदान मिलेगा।

पांच एचपी तक ही मिलेगा अनुदान
तीन एचपी पर लगभग एक लाख व पांच एचपी पर डेढ़ लाख का व्यय काश्तकार को वहन करना पड़ेगा। लागत का उन्हें केवल 25 या फिर 40 प्रतिशत व्यय ही वहन करना पड़ेगा। सतही जलस्रोत, डिग्गी, जलहौज के लिए तीन एचपी व 100 मीटर तक की अधिकतम गहराई वाले भूमिगत जलस्रोत होने की स्थिति में पांच एचपी तक का पम्प लगा सकता है। पांच एचपी से भी ज्यादा का सोलर पम्प काश्तकार चाहे तो लगा सकता है, लेकिन अनुदान उसे पांच एचपी का ही दिया जाएगा।

नागौर से शरद शुक्ला की रिपोर्ट