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श्रीगंगानगर. जिला मुख्यालय पर शिव चौक के पास स्थित रेस्ट हाउस भवन में ढाई साल से चल रहे साइबर थाने में अब तक हवालात नहीं बनाई जा सकी है। साइबर थाना खुलने से इस वीरान सरकारी भवन में चहल-पहल बढ़ गई, लेकिन हवालात के अभाव में थाना स्टाफ को आरोपी की गिरतारी के बाद बड़ी मुश्किलें आ रही हैं। जब साइबर आरोपियों की गिरफ़तारी होती है, तो पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने तक कड़ी निगरानी रखनी पड़ती है। हवालात न होने के कारण आरोपियों को अक्सर सदर थाने की हवालात में रखना पड़ता है। साइबर थाने में दर्ज मामलों और आरोपियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे पुलिस की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। साइबर ठगी के 5.48 करोड़ रुपयों की ठगी के मामले में पुलिस ने 22 आरोपियों को गिरफ़तार कर चुकी है। 2024 में साइबर पुलिस ने 19 एफआईआर दर्ज की और अब तक 44 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर थाने में हवालात की आवश्यकता है। डीएसपी कुलदीप वालिया ने बताया कि साइबर थाने में हवालात की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार और पुलिस मुयालय से पत्र व्यवहार किया गया है। एसओजी चौकी के पास भी हवालात का अभाव है, जिसके कारण आरोपियों को अन्य थानों में भेजने की अनुमति की आवश्यकता पड़ती है।