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श्री गंगानगर

हत्याकांड में दलित नेता कालूराम मेघवाल समेत दो जने गिरफ्तार

Dalit leader Kaluram Meghwal and two people arrested in the murder case- नेतेवाला गांव में मारपीट करने के दौरान युवक की हुई थी मौत, ग्रामीण अड़े तो हत्या का मामला दर्ज

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श्रीगंगानगर. जिला मुख्यालय से सटे गांव नेतेवाला में एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद गांव में खलबली मच गई। इस वारदात काे चार-पांच युवकाें ने शनिवार रात करीब 12 बजे अंजाम दिया। गांव नेतेवाला निवासी 30 वर्षीय प्रेमकुमार मेघवाल पुत्र रामचंद्र को उसके परिजन राजकीय जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उसे मृत घाेषित कर दिया गया। रविवार रात काे ही चूनावढ़ पुलिस ने मृतक के बड़े भाई विनाेद मेघवाल की रिपाेर्ट पर श्रीगंगानगर निवासी कालूराम मेघवाल, नेतेवाला निवासी सुनील मेघवाल पुत्र बनवारीलाल, नाथांवाला निवासी सुनील के फूफा तथा उसके बेटे सहित तीन-चार अन्य पर रात के समय घर में घुसकर मारपीट कर हत्या के हत्या में मुकदमा दर्ज कर लिया।
इस बीच, पुलिस अधीक्षक आंनद शर्मा ने बताया कि चूनावढ़ पुलिस ने हिरासत में लिए गए नाथांवाला निवासी कालूराम मेघवाल और नेतेवाला गांव के सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में दो और नामजद आरोपी है, इनकी तलाश में कई जगह दबिश दी जा रही है। कालूराम मेघवाल विभिन्न संगठनों से जुड़े हुए है। इस बीच, देर रात को जांच अधिकारी सीओ ग्रामीण भंवरलाल मेघवाल ने इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीओ ग्रामीण ने बताया कि मृतक प्रेम कुमार के परिजनों से वार्ता की गई। राजकीय जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार नहीं कराने पर परिजन अड़ गए थे लेकिन वार्ता में पुलिस ने आरोपी कालूराम मेघवाल ओर सुनील कुमार की गिरफ्तारी की सूचना दी तो परिजनों ने अंतिम संस्कार कराने पर सहमति दी। प्रेम कुमार का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। इस मामले में आरोपी कालूराम मेघवाल खुद काे एससी/एसटी आरक्षण मंच श्रीगंगानगर का स्वयंभू जिलाध्यक्ष तथा कांग्रेस देहात मंडल का संगठन महासचिव सहित कई अन्य संगठनाें का भी अध्यक्ष बता रहा है। वह श्रीगंगानगर गैस सप्लाई संगठन का भी पदाधिकारी है।इस कारण मेघवाल की सत्ताधारियों के साथ एप्रोच रही है। यहां तक कि कई मंत्रियों के साथ जान पहचान है। इस हत्याकांड के बाद इलाके में कई संगठनों के पदा धिकारियों ने राजकीय जिला चिकित्सालय में पहुंचकर फीडबैक लिया। इधर, पुलिस अ धिकारियों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच का हवाला देकर मौके पर परिजनों से पूछताछ कर रही है।
जांच अधिकारी चूनावढ़ एसएचओ तेजवंत सिंह ने बताया कि परिवादी की ओर से दर्ज मामले के अनुसार शनिवार रात करीब बारह बजे के बीच वह, उसका भाई सुरेन्द्र, जगदीश व प्रेम कुमार घर थे। तब घर पर सुनील पुत्र बनवारीलाल, सुनील का फूफा व उसका पुत्र कालूराम मेघवाल सहित तीन-चार अन्य लोग आए। घर में आकर गाली गलौच व मारपीट करने लगे। कालूराम मेघवाल ने प्रेम कुमार को नीचे गिरा लिया और उसके मुंह, नाक पर हाथ रखकर दबा लिया। सुनील कुमार व उसका फूफा प्रेम कुमार के सीने व पैरों पर बैठ गए। बाकी आरोपी मारपीट करने लगे। शोर किया तो जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। एक अन्य व्यक्ति को कालूराम और सचिन नाम से पुकार रहा था। इनका एक मोबाइल भी वहीं रह गया। इन लोगों के जाने के बाद प्रेम कुमार को संभाला तो उसके शरीर में कोई हरकत नहीं थी। तब रफीक भाटी की गाड़ी मंगवाकर प्रेम कुमार को राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं विनोद कुमार के भी चोटें आई है। पुलिस ने धारा 302, 458, 323 व 143 के तहत मामला दर्ज कर जांच थाना प्रभारी तेजवंत सिंह को सौंपी है।
पुइस बीच रविवार सुबह प्रेम कुमार का पाेस्टमार्टम के बाद परिजनाें ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लेकर शव लेने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। चूनावढ़ एसएचओ तेजवंतसिंह की सूचना पर सीओ ग्रामीण भंवरलाल जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन चिकित्सालय परिसर में मृतक के परिजन और ग्रामीण अपनी मांगाें पर अड़े रहे। इन परिजनों का कहना था कि पुलिस इलाके के कई जनप्रतिनि धियों का खास रहा मुख्य आरोपी कालूराम मेघवाल को बचाने में लगी हुई है लेकिन ऐसा नहीं होने देंगे। हालांकि पुलिस अ धिकारियों का कहना था कि अब तक इस मामले में चश्मदीद गवाह के बयान नहीं हुए है। जांच के बाद आरोपियों को गिरफ़्तार किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के टालमटोल के रवैये का विरोध किया।
जांच अधिकारी चूनावढ़ एसएचओ तेजवंतसिंह ने बताया कि परिवादी विनाेद मेघवाल की ओर से दिए गए परिवार में उसके भाई प्रेमकुमार मेघवाल की हत्या के पीछे काेई कारण नहीं बताया है। किसी महिला या युवती से प्रेम संबंधाें की वजह से मारपीट के दौरान हत्या होने के बारे में जांच की जा रही है। लेकिन अब तक पुलिस ने इसकी पु ष्टि नहीं की है।
नेतेवाला पंचायत समिति डायरेक्टर विनाेद ताखर के अनुसार प्रेमकुमार गांव में रहता ही नहीं था। वह राजस्थान के किसी शहर में एलएंडटी कंपनी में प्लंबर के पद पर नाैकरी करता था। अधिकांश समय बाहर ही रहता था। अविवाहित था और अभी कुछ दिन पहले ही घर पर रहने काे आया था। प्रेम कुमार के तीन भाई हैं। यह सबसे छाेटा था। शेष भाई व पिता गांव में ही काम धंधा कर जीवन यापन करते हैं। एक भाई गांव से बाजार के लिए टेंपाे चलाता है।