श्रीगंगानगर. पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में आया बदलाव किसानों की उम्मीदों पर भारी पड़ रहा है। तड़के इलाके में मेघ गर्जना के साथ शुरू हुआ बारिश का दौर शाम को ओलावृष्टि के साथ थमा तब तक सैकड़ों बीघा में पकने को तैयार गेहूं और जौ की फसल जमीन पर बिछ चुकी थी। कटाई के बाद मंडली बनाकर रखी सरसों की फसल बारिश से भीग गई, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी। बेमौसम की बारिश ने चने की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग ने चौबीस घंटों के दौरान 11.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की है।सुबह से शाम तक श्रीगंगानगर शहर में 8.4 मिलीमीटर बारिश मौसम विभाग ने दर्ज की। बारिश और ओलावृष्टि से अधिकतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे ठंडक का असर बढ़ गया.
।बारिश का दौर सुबह चार बजे शुरू हुआ और रुक-रुक कर दिन भर चलता रहा। शाम चार बजे ओलावृष्टि के साथ बारिश का दौर थमा तो आसमान पर डेरा डाले हुए बादल भी छंट गए। तेज बारिश से श्रीगंगानगर शहर में पुरानी आबादी सहित कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। निचले इलाकों में पानी घरों और दुकानों में घुस गया। वहीं, बारिश से नई धानमंडी में जौ और सरसों की फसल भीग गई। तुलाई के बाद बोरियों में भरकर रखी जौ और सरसों की फसल बारिश के पानी से गीली हो गई। पिड़ पर पड़ी ढेरियां भी बारिश के पानी से भीग गई। भीगी हुई फसल को अब सुखाना पड़ेगा। बरसात के पानी के संपर्क में आने से इनकी गुणवत्ता प्रभावित होगी।
इस बीच, सांसद निहालचंद ने बारिश एवं ओलावृष्टि से श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे करवाने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने बताया है कि पिछले दो-तीन दिनों में इन दोनों जिलों में तेज बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, जौ, चना के अलावा अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। राज्य सरकार इन दोनों जिलों में हुए फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे शुरू करवाए, जिससे प्रभावित किसानों को आपदा प्रबन्धन के तहत अनुदान व सहायता दी जा सके।
इस बीच, जिला कलक्टर सौरभ स्वामी ने जिले के कई इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि के बाद किसानों के नाम यह अपील जारी की है। उन्होंने कहा है कि जिले में चक्रवाती वर्षा, ओलावृष्टि एवं असामयिक वर्षा का दौर चल रहा है। इसके आगामी दिवसों में भी जारी रहने की सम्भावना है। ऐसे में किसी किसान की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित फसल का नुकसान होता है, उसे इसकी सूचना प्राकृतिक आपदा के 72 घंटे के भीतर संबंधित बीमा कम्पनी एस.बी.आई जनरल इंश्योरेंश कम्पनी लि0 के टोल फ्री नम्बर 18002091111 पर देनी चाहिए। यह सूचना क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर भी दी जा सकती है। जिन किसानों के पास एन्ड्रोयड मोबाइल नहीं हैं, वे अपने नजदीक के ई-मित्रा पर जाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से भी सूचना दे सकते हैं।