रायसिंहनगर (श्रीगंगानगर). जल संसाधन विभाग की लापरवाही का खमियाजा एक बार फिर पीएस नहर के किसानों को भुगतना पड़ा है। गत दिनों आए तूफान से टूटी पीएस नहर में आए कटाव को पाटकर पक्का करने के बजाय कच्ची लाइनिंग तैयार कर सिंचाई पानी छोड़ दिया जो पानी का दबाव झेल नहीं पाई और मंगलवार रात को चक 15 पीएस के पास फिर उसी जगह से टूट गई। इस बार इस नहर में करीब 50 फीट का कटाव आया है। नहर टूटने से आसपास के खेत जलमग्न हो गए।
सूचना मिलने पर गंगनहर प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविन्द्र ङ्क्षसह गिल सहित पहुंचे किसानों ने जल संसाधन विभाग के अ धिशासी अभियंता एनएल मीणा को जमकर खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि ङ्क्षसचाई विभाग स्वीकृति लेने के नाम पर नहर में आए कटाव को पक्का करने के बजाय कच्ची लाइनिंग में पानी छोड़ दिया। तूफान के चलते पीएस नहर में पूर्व में आए कटाव के चलते किसानों दो-दो बारियां पहले ही पिट चुकी है। इस नहर के एक बार फिर टूटने से किसानों की ङ्क्षचता बढ गई है। उधर, ङ्क्षसचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई पानी वितरण समिति की बैठक गंगनहर प्रोजेक्ट की अध्यक्षता में होती है।
उन्होंने पीएस नहर में सिंचाई पानी छोडऩे के लिए कहा था। बार-बार नहर टूटने की घटनाओं के चलते अधीक्षण अभियंता धीरज चावला ने भी मौके पर पहुंचकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं उपखण्ड अधिकारी प्रतीक जुईकर चंद्रशेखर व तहसीलदार जितेन्द्र ङ्क्षसह ने भी मौके पर पहुंचकर नहर टूटने से किसानों के हुए नुकसान का जायजा लिया। समाचार लिखे जाने तक कटाव पाटने का काम जारी था।
नहर टूटने की सूचना मिलने पर विधायक बलबीर सिंह लूथरा व कांग्रेस नेता जगतार समरा भी मौके पर पहुंचे नहर टूटने से प्रभावित हुए किसानों से बातचीत की। इस दौरान किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अवगत करवाया की वे दो बार नरमे की बिजाई कर चुके है। अब फिर नहर टूटने से उनकी नरमे की नवांकुरित फसल नष्ट हो चुकी है। जिसको लेकर विधायक ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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पत्रिका ने पहले जताई थी आशंका
नहर टूटने की आशंकाराजस्थान पत्रिका ने 31 मई के अंक में समाचार प्रकाशन कर आशंका जताई थी कि कटाव को पक्का किये बिना सिंचाई पानी छोडऩे से नहर दुबारा टूट सकती है। लेकिन ङ्क्षसचाई विभाग ने आनन फानन में प्लास्टिक लगाकर सिंचाई पानी छोड़ दिया। जो मंगलवार रात करीब आठ बजे फिर टूट गई।
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किसानों को मुआवजा देने की मांग
उधर,पूर्व विधायक सोनादेवी बावरी ने सिंचाई मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय को पत्र लिखकर नहर टूटने से हुए किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा स्वीकृत करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि बार बार नहरें टूट रही है। इससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है। उन्होंने प्रभावित किसानों को हुए नुकसान के भरपाई करने की मांग की है।