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श्री गंगानगर

सीएम आए तब दिखाई तेजी, अब काम अटका

Speed was seen when CM came, now work is stuck- सूरतगढ़ मार्ग रोड के पुनर्निर्माण में पेड़ और बिजली के खंबे बने अवरोधक

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श्रीगंगानगर। सूरतगढ रोड पर सरकारी मेडिकल कॉलेज से लेकर नेतेवाला तक करीब चार किमी की रोड का काम फिर अटक गया है। नौ करोड़ रुपए के भारी भरकम बजट से यह काम दो महीने में पूरा होना था लेकिन अब तक ज्यों की त्यों बनी हुई है। पिछले महीने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इलाके के दौरे पर खासतौर इसी मार्ग पर एक रिसोर्ट में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में आए तब सार्वजनिक निर्माण विभाग ने आनन फानन में इस रोड का तेज गति से निर्माण कराने की प्रक्रिया अपनाई लेकिन अब यह काम हरे पेड़ और बिजली खंबों की अड़चन की वजह बताकर ठप कर दिया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हरे पेड़ हटाने के लिए वन विभाग और बिजली खंबे हटाने के लिए विद्युत निगम के अधिकारियों से आग्रह किया है।

इन दोनों विभागों से अनुमति नहीं आने पर यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। दो महीने पहले पीडब्ल्यूडी ने इस रोड का निर्माण 31 मार्च तक पूरा होने का दावा किया था लेकिन चार किमी रोड के लिए अब वन विभाग और विद्युत निगम विभाग से तालमेल नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ा जा रहा है। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा परेशानी किसान चौक से सरकारी मेडिकल कॉलेज तक है।इस मार्ग को चौड़ा करने के लिए सड़क के दाेनाें तरफ से खाेदकर पत्थर व बजरी का मिक्सचर डाल (डब्ल्यूबीएम) कर छाेड़ दिया है। इससे पूरा दिन धूल उड़ती रहती है।

इस धूल के कारण इस राेड के दुकानदार व वाहन चालक परेशान हाेते रहते हैं। दुपहिया वाहन चालकों को मेडिकल कॉलेज से किसान चौक तक पहुंचने के लिए जोखिम तक पहुंचाना पड़ रहा है। वहीं दुकानदाराें ने धूल उड़ने के कारण दुकानाें में रखा सामान खराब होने की बात दोहराई है। हालांकि दुकानदार रोजाना धूल के गुबार काे राेकने के लिए पानी का छिड़काव भी कर रहे है लेकिन समस्या ज्यों की त्येां बनी हुई है। इस सड़क के दाेनाें तरफ से 3-3 मीटर खुदाई के कारण सड़क मार्ग संकरा हाे गया है। इससे पूरा दिन इस राेड पर वाहनाें के जाम की स्थिति बनी रहती है।

सरकारी मेडिकल काॅलेज के कॉर्नर से लेकर किसान चौक तक यह रोड सिंगल हैं। इस राेड पर किसी कारण से आगे चलते वाहन के रुकते ही पीछे चल रहे वाहनाें की लंबी कतार लग जाती है। इस रोड से कई कॉलोनियों के बांशिदें और ग्रामीण आवाजाही अधिक करते है। वहीं भवन निर्माण सामग्री के लिए ट्रेक्टर ट्रॉलियों के आने जाने का दौर दिनभर अधिक रहता हैं। इस कारण हर बीस मिनट बाद जाम जैसी नौबत आती है सड़क के दाेनाें तरफ डब्ल्यूबीएम सड़क का लेवल नीचे हाेने के कारण जाम में फंसे वाहन साइड से आगे भी नहीं निकल पाते। अब किसान चाैक से जिला अस्पताल तक सूरतगढ़ राेड काे चाैड़ा करने व सुदृढ़ीकरण का एक बार फिर से राेक दिया गया है।तीन साल में दो बार ठेकेदार ने काम छोड़ा

किसान चौक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक रोड का जीर्णोद़्धार करने के लिए पिछले तीन साल में दो बार ठेका फर्म काम छोड़ चुकी है। एक करोड़ तीस लाख रुपए की अनुमानित लागत से इस सड़क का दुबारा निर्माण होना था। सड़क की चौड़ाई सात-सात मीटर बढ़ाने के लिए कवायद भी हुई। लेकिन ठेकेदार निर्माण कार्य बीच में छोड़कर चले गए। दूसरी बार जिस ठेका कंपनी ने काम छोड़ तो उस पर करीब बारह लाख रुपए की पैनल्टी भी लगाई गई थी। इसके बावजूद यह काम सिरे नहीं चढ़ पाया।