प्रमोद सोनी/ उदयपुर. मुस्लिम समुदाय ने त्याग, बलिदान और कुर्बानी का पर्व ईद-उल-अजहा बुधवार को मनाया। लोगों ने ईद की विशेष नमाज अदा करने के साथ ही घरों में कुर्बानी की। एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। पर्व को लेकर सुबह से ही लोग शहर के मस्जिदों और ईदगाहों पर विशेष नमाज अदा करने पहुंचे। मस्जिदों में तय समय से पूर्व ही लोगों ने पहुंचकर नमाज अदा की। इस दौरान शहर में रिमझीम बारिश का दौर चलता रहा। एेसे में लोगों ने सुहाने मौसम में नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने देश में अमन-चैन और बारिश के दुआ मांगी और एक-दूसरे के गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद घरों पर कुर्बानी की। पूरे दिन लोग परिचितों और रिश्तेदारों के घर मिलने पहुंचे। एक-दूसरे को तबर्रुक वितरित किया। इससे पूर्व सुबह फजर की नमाज के बाद मरहूमों की मगफिरत में कब्रिस्तान जाकर फातिहा पढ़ी गई। मुख्य नमाज चेतक सर्कल स्थित पलटन मस्जिद पर सुबह 8.30 बजे हुई।
मोहम्मद छोटू कुरैशी ने बताया कि सविना क्षेत्र में ईद की मुख्य नमाज बड़ी मस्जिद सविना में हुई। बड़ी मस्जिद के पेश इमाम हाफिजोकारी फिरोज आलम अशरफी ने इस मौके पर बताया कि माहे जिलहिज्जा के पहले आशुरे का जो रोजा रखता है, अल्लाह उसको एक साल के रोजे का सवाब अता फरमाता है। इसी महीने की दसवीं, 11वीं, 12वीं तारीख को कुर्बानी की रस्म अदा की गई। कुर्बानी करने से बरकत व रहमत का नुजूल होता है।