उदयपुर. ढोल नगाड़ों की ध्वनि, नव संवत्सर और भारत माता की जयघोष के बीच विक्रमादित्य ज्योति कलश यात्रा एकलिंग जी से रवाना हुई। मार्ग में जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा के बाद गणगौर घाट पर पिछोला गंगा आरती करके संवत 2079 को विदा दी गई। बुधवार को संवत 2080
के पहले दिन चौराहों पर मिश्री, नीम की प त्तियां और काली मिर्च खिलाने के साथ ही तिलक लगाकर शहर के लोगों को शुभकामनाएं दी जाएंगी। वहीं शाम को चैत्र एकम की सवारी निकालने के साथ ही दूधतलाई पर आतिशबाजी की जाएगी।