उदयपुर . इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स उदयपुर, भारतीय मानक ब्यूरो के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय केंद्र और कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, एमपीयूएटी की ओर से भारत का राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता 2016 पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ गुरूवार को हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य के अधिकारियों, सभी स्थानीय निकायों, बिल्डरों, डवलपरों और भवन निर्माण से जुड़े प्रोफेशनलों को संशोधित भारतीय राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता 2016 के कार्यान्वयन के लिए सुग्राह्य बनाना था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश में बड़ी संख्या में निर्मित इमारतें कार्यात्मक रूप से कुशल, आपदा प्रतिरोधी और टिकाऊ हैं। एनबीसी में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा और मानवनिर्मित आपदाओं पर सुरक्षा के नवीनतम प्रावधान करके संहिता में आपदा निवारण पर विशेष बल दिया है।
कार्यशाला का उद्घाटन महाराणा प्रताप एवं कृषि विवि के कुलपति डॉ. उमाशंकर शर्मा ने किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि एनबीसी 2016 में व्यापक प्रशासनिक और तकनीकी प्रावधान शामिल हैं जो कि स्थानीय निकायों द्वारा सहजता से अपनाया जा सकते हैं। कार्यशाला में देशभर के विभिन्न विशेषज्ञों और प्रोफेशनलों द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियों की शृंखला बनाई जा रही है। कार्यशाला में स्थानीय भवन नियामक प्राधिकरणों से आग्रह किया गया कि वे एनबीसी 2016 को अपने भवन उप नियमों में पुनरीक्षण और संशोधित करके तत्काल लागू करें और बिल्डरों व डवलपरों को अपने निर्माण कार्यक्रमों में इन प्रावधानों का व्यापक पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि साधारण के्रता के हित को सर्वोच्च रखा जा सके।