
वाराणसी. देश के आधे भाग में झमाझम बारिश हो रही है। जुलाई के पहले पखवारे में ही वहां पर बाढ़ की स्थिति उतपन्न हो गयी है जबकि बारिश नहीं होने से पूर्वांचल में सूखे का खतरा मंडरा रहा है। जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो पीएम मोदी का भी बड़ा सपना टूट सकता है।
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पूर्वांचल में बिना बरसे ही बादल चले जा रहे हैं। दिन भर आसमान में बादल छोते हैं लेकिन बारिश नहीं होती है। पहले कहा जाता था कि बनारस शहर में हरियाली नहीं होने के चलते बारिश नहीं हो रही है लेकिन पूर्वांचल के अन्य जिलों में थोड़ी हरियाली होने के बाद भी बारिश नहीं होने से मौमस वैज्ञानिक भी हैरान है। मौसम वैज्ञानिक भी दबी जुबान से सूखा पडऩे की संभावना जता रहे हैं लेकिन अभी भी उन्हें अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। पूर्वांचल की खेती मुख्य रुप से बारिश पर आश्रित रहती है। बड़े किसानों ने ट्यूबवेल के भरोस धान का बेहन डाल दिया है लेकिन छोटे किसानों का खेत खाली पड़ा हुआ है जब तक बारिश नहीं होगी। तब तक वह धान की खेती नहीं कर पायेंगे।
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पर्याप्त नमी के बाद भी नहीं बरस रहे बादल
पर्याप्त नमी के बाद भी बादल बिना बरसे चले जा रहे हैं। पूर्वांचल के उपर ऐसा कोई सिस्टम भी सक्रिय नहीं हो रहा है जिससे झमाझम बारिश हो। आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार दो दिन बाद बारिश हो सकती है। मौमस वैज्ञानिकों की माने तो पूर्वांचल में सामान्य से ५० प्रतिशत कम वर्षा हुई है यदि जल्द ही तेज वर्षा नहीं होती है तो सामान्य बारिश होने की उम्मीद भी खत्म हो जायेगी।
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नहीं हुआ भूजल रिचार्ज तो गर्मी में पानी की बूंद के लिए तरसना होगा
ठंड के भी सीजन में बारिश नहीं हुई थी। गर्मी में पीने के पानी के लिए हाहाकार मच गया था। मौसम विभाग ने सामान्य बारिश होने का अनुमान लगाया था जिसके चलते लोगों को विश्वास था कि इस बार अच्छी बारिश होने से भूजल भी रिचार्ज होगा। इसका फायदा गर्मी के दिनों में मिलेगी। बारिश नहीं होने से लोगों की उम्मीद दम तोडऩे लगी है। गंगा के जलस्तर में भी बढ़ाव नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति रही तो इस बार की गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना होगा।
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टूटेगा पीएम नरेन्द्र मोदी का सपना
बारिश नहीं होने से पीएम नरेन्द्र मोदी का सपना भी टूट सकता है। बनारस में इसी साल पीएम मोदी की महत्वकांक्षी परियोजना जलपरिवहन शुरू होने वाली है जिसके लिए गंगा में पर्याप्त पानी होना चाहिए। लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। पहाड़ों पर हो रही वर्षा के चलते गंगा का जलस्तर में बढ़ोतरी होगी, लेकिन यह अधिक दिनों की नहीं होगी। ऐसे में बारिश नहीं होने से पीएम मोदी का सपना भी टूट सकता है।
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