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वाराणसी

23 सितंबर 2017 लाठीचार्ज के सालभर बाद BHU में फिर बवाल, अभद्र टिप्पणी, धक्का मुक्की पर भड़कीं छात्राएं

साल भर पहले की घटना पर छात्राएं नुक्कड़ नाटक या अन्य माध्यम से अपनी बात आपस में बताने की कोशिश कर रही थीं।  

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वाराणसी. बीएचयू अचानक फिर से सुलग उठा। वह भी ठीक 23 सितंबर को। मामला भी बहुत कुछ मिलता जुलता है। जानकारी के मुताबिक 23 सितंबर 2017 की घटना को याद करने और विश्वविद्यालय की नई छात्राओं को भी उस घटना की जानकारी देने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक किया। फिर वे महिला महाविद्यालय के गेट पर कुछ आयोजन कर रही थीं। छात्राओं का आरोप है कि मंदिर पर नुक्कड़ नाटक के वक्त भी कुछ छात्रों ने कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की। लेकिन हद तो तब हो गई जब वे महिला महाविद्यालय के गेट पर पहुंचे और छात्राओं पर अभद्र टिप्पणी के साथ धक्कामुक्की करने लगे। धक्का मुक्की में कई छात्राएं घायल भी हो गईं। इसके बाद मौके पर पहुंची चीफ प्राक्टर प्रो रोयाना सिंह से भी छात्राओं की नोकझोंक हुई। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों और कुछ बाहरी अवांछनीय तत्वों पर नियंत्रण करने की बजाया छात्राओँ को ही महाविद्यालय परिसर और छात्रावासों में जाने को दबाव बनाया। इस मामले में छात्राओं की ओर से लंका थाने पर तहरीर भी दी गई है जिस पर कार्रवाई जारी है। इस पूरे मामले में चीफ प्राक्टर प्रो रोयाना सिंह का कहना है कि उन्होने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने मारपीट की घटना से सिरे से इंकार किया।

बता दें कि पिछले साल बीएचयू परिसर के फाइन आर्ट्स फेकेल्टी की छात्रा के साथ छेड़खानी हुई थी। उस घटना की सूचना देने के बाद न प्राक्टोरियल बोर्ड ने उसे संज्ञान लिया न विश्वविद्यालय प्रशासन ने। तत्कालीन कुलपति प्रो जीसी त्रिपाठी से मुलाकात भी नहीं हो सकी थी जिसके विरोध में छात्राओं ने 21 सितंबर से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना देना शुरू कर दिया था। वो लगातार वीसी को धरना स्थल पर बुलानेकी मांग कर रही थीं। लेकिन वह नहीं आए। दो दिन बाद यानी 23 सितंबर को छात्राओं को आवास पर आमंत्रित किया मगर जब छात्राएं कुछ छात्रों संग पहुंची तो विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया था वह भी आधी रात को। कई छात्राएं घायल हुईं। पुलिस शहर भर की पुलिस, सारे आला अधिकारी पहुंचे थे। बवाल इतना बढ़ा कि तत्कालीन कुलपति को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने लंबी छुट्टी पर भेज दिया और छुट्टी के दौरान ही उनका कार्यकाल पूरा हो गया।
उसी घटना के एक साल पूरे होने पर रविवार को महिला महाविद्यालय की छात्राएं दिन में ही जत्थे के साथ परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचीं और नुक्कड़ नाटक करने लगीं। उस वक्त भी कुछ छात्र वहां पहुंचे और वंदे मातरम का उद्घोष करने लगे। हालांकि छात्रों के विरोध के बावजूद नुक्कड़ नाटक का कार्यक्रम सफल रहा। वहां से वे महिला महाविद्यालय पहुंची और यहां भी वह आयोजन करने लगीं तभी वही छात्र विभिन्न वाहनों से यहां पहुंचे और छात्राओं संग धक्का मुक्की की साथ ही उन पर फब्तियां भी कसीं। इस पर छात्राएं भड़क गईं और दौड़ कर एमएमबी चौराहे पर पहुंचीं वहीं चीफ प्राक्टर से नोकझोंक भी हुई।

छात्राओं की तहरीर
सेवा में
थाना अध्यक्ष,
लंका थाना वाराणसी
विषय – प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु

महोदय ज्ञात हो की हम लोग आज पिछले साल हुए 22 – 23 सितम्बर को हुए छत्राओं के आंदोलन के एक साल पूरे होने पर हम महिला महाविद्यालय की छात्राए नुक्कड़ नाटक गीत संगीत जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न कर रहे थे जोकि महिलाओ पर होने वाली दिन प्रतिदिन की हिंसा , लैंगिक न्याय पर आधारित थे , महिला महाविद्यालय बीएचयू के गेट के पास सम्पन्न हो रहे कार्यक्रम जिसमे छात्राए बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही थी, इसी कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ गुंडे व लम्पट तत्व और बाहरी तत्व जिनकी पहचान अनुराग सिंह ‘अन्नु’, अभय प्रताप सिंह (एम.ए. इन पोलिटिकल साइंस), अभय सिंह (बीए द्वितीय वर्ष, आर्ट्स फैकल्टी), एल.एन शर्मा, विश्वजीत सिंह (बीए थर्ड ईयर), अभिषेक मिश्रा(एमए), शिवम द्विवेदी (एमए द्वितीय वर्ष), आशीष यादव (तृतीय वर्ष हिंदी ऑनर्स) , विश्वजीत सिंह (बीए थर्ड ईयर, आर्ट्स फैकल्टी) समेत दर्जनों अज्ञात लोगो ने उक्त कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर हम छात्राओं के साथ अभद्रता कर रहे थे, भद्दी भद्दी गालियां दे रहे थे, और छेड़खानी कर रहे थे, हम छात्राओ द्वारा मना करने के बावजूद मारपीट पर उतारू हो गए, और मारपीट भी किये, इसमे कई छात्राओं व छात्रों को गंभीर चोट आईं है। व उक्त लोगों ने भविष्य मे जान से मारने व देख लेने की भी धमकी दी है।

महोदय, उक्त घटना के बाद हम छात्राएं डरी हुई महसूस कर रही हैं। अतः आपसे निवेदन है कि उक्त मामले को संज्ञान मे लेते हुए उचित व त्वरित कार्रवाई करने की कोशिश करें।

प्रार्थीगण
समस्त छात्राएं
एमएमवी बीएचयू