
नागेपुर/वाराणसी. जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने, कर्जा माफी के साथ राजस्व वसूली रोके जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को अम्बेडकर पार्क पर धरना दिया। धरने के बाद किसानों ने पांच सूत्रीय ज्ञापन प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेज कर अविलंब कार्रवाई की मांग की। लोक समिति के तत्वावधान में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में वाराणसी के किसानों ने हाथ में फावड़ा कुदाल टोकरी लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वे किसानों को मुआवजा दो, किसानों के कर्जे माफ करो, जब तक भूखा किसान रहेगा धरती पर तूफान रहेगा, जय जवान जय किसान, हर हाथ को काम दो-काम का पूरा दाम दो, आदि नारे लगा रहे थे।
लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि आषाढ़ का महीना बिन बरसात के गुजरने वाला है इस माह 40 प्रतिशत भी बारिश नही हो पाई है, जिससे जिले के किसान ज्वार, तिल, मक्का, सब्जी, अरहर आदि की फसल के अलावा धान की रोपाई नहीं कर पाए। बारिश का इंतजार करते-करते धान की नर्सरी अब खराब हो गई है। किसान भुखमरी के कगार पर है। ऐसी दशा में वाराणसी जिले को अविलंब सूखा घोषित किया जाए।
धरने में शामिल किसानों ने कहा कि बिजली विभाग व बैंक अधिकारियों द्वारा संकट की इस स्थिति में भी किसानों को परेशान कर उनके ट्रैक्टर आदि खींचे जा रहे हैं, जिसे तत्काल रोका जाए। बकाया वसूली भी स्थगित करने की मांग की। बरसात नही होने के कारण जिले के तमाम किसानों की फसलें नष्ट हो चुकी हैं। अभी तक किसानों को उचित मुआवजा की घोषणा नहीं की गई।
किसानों की मांग
-फसलों की क्षति की भरपाई के लिए पीड़ित किसानों को प्रति बीघा 5 हजार रुपये की दर से क्षतिपूर्ति दी जाए
– सभी तरह की लगान व अन्य राजस्व वसूली पर रोक लगाई जाय
-किसानों के कर्जे व बिजली बिल माफ किया जाय
– बच्चों के स्कूल फीस माफ किया जाय
– असंगठित खेतिहर मजदूरों को मुआवजा व मनरेगा में काम दिया जाय
– नहर में अविलम्ब पानी छोड़ा जाय
– 24 घण्टे बिजली की आपूर्ति हो
– पर्यावरण रक्षा जल संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना बनायी जाय
धरना प्रदर्शन में ये थे शामिल
धरना प्रदर्शन में अमित, अनीता, सरिता सोनी, पंचमुखी, राजेश मौर्य, बच्चेलाल, रामरक्षा, बच्चन नरायन, कमलेश, संजू, मीरा, कमला, मन्जू, संगीता प्रभा आदि मौजूद रहे। संचालन रामबचन ने किया और धन्यवाद ज्ञापन श्यामसुन्दर मास्टर ने।
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