बांग्लादेश में पिछले कुछ हफ्तों से जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मृत्यु के बाद भड़की सांप्रदायिक आग अब बेगुनाह लोगों की जान ले रही है। पिछले 22 दिनों के दौरान हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 6 हिंदू समुदाय (Bangladesh Hindu Killings 2026) के थे। इन घटनाओं ने न केवल बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों में दहशत पैदा कर दी है, बल्कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। ताजा घटनाओं में हिंसा का सबसे वीभत्स चेहरा सामने आया है। नरसिंदी जिले के मोनी चक्रवर्ती (Moni Chakraborty Murder Case), जो पेशे से एक छोटे दुकानदार थे, उन पर देर रात धारदार हथियारों से हमला किया गया। जब वे अपनी किराना की दुकान पर थे, तब अज्ञात बदमाशों ने उन्हें अपना निशाना बनाया। उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसी तरह, एक अन्य घटना में मिथुन नाम के युवक को भीड़ ने नदी में डुबो कर मार डाला। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि हमलावर किस कदर बेखौफ हो चुके हैं।