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आशा को 10 हजार, पर्यवेक्षकों को दें 15000 रुपए वेतन

आशा, ऊषा की हड़ताल शुरू, पुराना अस्पताल परिसर में दिया धरना

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आशा को 10 हजार, पर्यवेक्षकों को दें 15000 रुपए वेतन

आशा को 10 हजार, पर्यवेक्षकों को दें 15000 रुपए वेतन

विदिशा। आशा, ऊषा सहयोगी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले वेतन संबंधी मांगों को लेकर बुधवार से आशा, ऊषा की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। सभी महिला कर्मचारी पुराना जिला अस्पताल परिसर में एकत्रित हुईं और अपनी मांग के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इनकी प्रमुख मांगों में आशा को 10 हजार रुपए एवं पर्यवेक्षकों को 15 हजार रुपए वेतन एवं सभी को नियमित किए जाने सहित अन्य मांगें हैं। इस दौरान मोर्चा पदाधिकारियों ने सरकार के रवैये पर नाराजी जताई। इनका कहना है कि हम गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं के साथ-साथ आम जनता के स्वास्थ्य की देखभाल का दिनरात कार्य कर रही और इसके बदले आशा कार्यकर्ताओं को केवल 2 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है। पिछले 16 वर्ष से प्रदेश सरकार ने आशा, ऊषा पर्यवेक्षकों को किसी तरह की राहत नहीं दी, जबकि अन्य राज्य सरकारें अपनी ओर से अतिरिक्त वेतन देकर कार्यकर्ताओं को राहत पहुंचा रही हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि मोर्चा ने 27 फरवरी को शासन को पत्र देकर इस अनिश्चितकालीन हड़ताल की सूचना दी थी। इसके बाद भी सरकार ने किसी तरह का कोई कदम नहीं उठाया। पदाधिकारियों का कहना है कि मांगों पर निर्णय नहीं होने तक यह हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के दौरान जिलाध्यक्ष विनीता शर्मा, सहित अन्य पदाधिकारियों में लली शर्मा, रामसखी, प्रेमकुमारी, भारती रघुवंशी, चंदा दांगी, शोभना शर्मा, मुन्नी शर्मा सहित जिले की सातों ब्लॉकों से आईं आशा, ऊषा कार्यकर्ता शामिल रहीं।

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यह कार्य होंगे प्रभावित

आशा, ऊषा पर्यवेक्षकों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के आसार बन रहे हैं। यह कार्यकर्ताएं टीकाकरण, दस्तक अभियान, मातृशिशु मृत्यु पंजीयन, बच्चों का टीकाकरण एवं छोटे बच्चों की देखभाल सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी कार्यों से जुड़ी हैं। ऐसे में हड़ताल से यह सभी जरूरी कार्य प्रभावित होंगे।
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